बिलासपुर हिंसा के बाद अब राम सिंह ठाकुर पर उठे सवाल, AAP नेता ने गृह मंत्री से पूछा- गिरफ्तारी कब?

बिलासपुर। खपरगंज में दो पक्षों के बीच हुए विवाद और पथराव के बाद अब मामले ने एक बार फिर राजनीतिक मोड़ ले लिया है। आम आदमी पार्टी (AAP)की प्रदेश उपाध्यक्ष और अधिवक्ता प्रियंका शुक्ला ने राम सिंह ठाकुर को घटना का मुख्य आरोपी बताते हुए उसकी गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राम सिंह लंबे समय से सोशल मीडिया पोस्ट और बयानों के जरिए माहौल को धार्मिक रंग देने का काम कर रहा है। उन्होंने गृह मंत्री विजय शर्मा से सवाल किया कि आखिर अब तक राम सिंह की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई और क्या उसे राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है।

‘माहौल खराब करने वाले पर कार्रवाई क्यों नहीं?’

प्रियंका शुक्ला ने आरोप लगाया कि बिलासपुर की घटना महज दो पक्षों के बीच हुआ विवाद नहीं था, बल्कि इसे धार्मिक रंग देने की कोशिश की गई। उन्होंने दावा किया कि राम सिंह ठाकुर लगातार मुस्लिम और हिंदू समुदाय के बीच तनाव बढ़ाने वाली बयानबाजी करता रहा है। उन्होंने रतनपुर की घटना और चर्च में हुए कथित विवाद का भी जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि इन मामलों के बावजूद राम सिंह पर अब तक कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में पुलिस की जांच जारी है।

गृह मंत्री से सीधे किए सवाल

AAP नेता ने गृह मंत्री विजय शर्मा से कई सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस के पास राम सिंह के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं, तो उसकी गिरफ्तारी अब तक क्यों नहीं हुई? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या सरकार या सत्तारूढ़ दल से जुड़े किसी प्रभाव के कारण उस पर कार्रवाई नहीं हो रही है। प्रियंका शुक्ला ने आरोप लगाया कि राम सिंह को लंबे समय से बिलासपुर का माहौल खराब करने की खुली छूट मिली हुई है। इन आरोपों पर गृह मंत्री या बीजेपी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सोशल मीडिया वीडियो के बाद फिर चर्चा में राम सिंह

बिलासपुर हिंसा के मामले में फरार चल रहे राम सिंह ठाकुर ने इससे पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया था। उसने दावा किया था कि उसे अपने धर्म के लिए आवाज उठाने के कारण अपराधी बनाया जा रहा है और वह जल्द पुलिस के सामने सरेंडर करेगा। साथ ही उसने जेल में अपनी हत्या की आशंका भी जताई थी। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

28 अगस्त की रात बिगड़ा था माहौल

दरअसल, 28 अगस्त की रात खपरगंज में युवकों के दो गुटों के बीच विवाद के बाद मारपीट और पथराव हुआ था। विवाद की वजह सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणी और पुरानी रंजिश बताई गई थी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इसी दौरान भीड़ की ओर से पुलिस पर भी पथराव किया गया, जिसमें तारबाहर थाना प्रभारी रवि तिवारी समेत 9 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

सोहेल खान समेत कई आरोपी गिरफ्तार

हिंसा के मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों से अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फरार चल रहे सोहेल खान ने भी बाद में पुलिस के सामने सरेंडर किया था। पुलिस के अनुसार, वायरल CCTV फुटेज में सोहेल के हाथ में हथियार दिखाई देने का दावा किया गया है। उसकी निशानदेही पर एयर पिस्टल और देशी कट्टा बरामद किए जाने की बात भी पुलिस ने कही है। वहीं, राम सिंह की गिरफ्तारी अभी बाकी है।

अमन-चैन के लिए आज शांतिमार्च

घटना के बाद बिलासपुर में भाईचारा और शांति बनाए रखने के लिए 3 सितंबर को शांतिमार्च निकाला जा रहा है। इसका नेतृत्व जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक द्वारा किया जा रहा है। विभिन्न समुदायों, पंथों, जातियों और संविधान में विश्वास रखने वाले लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की गई है। शांतिमार्च नेहरू चौक से गांधी चौक तक दोपहर 3 बजे निकाला जाएगा।

अब सबसे बड़ा सवाल- जांच कितनी निष्पक्ष होगी?

बिलासपुर की घटना के बाद पुलिस के सामने एक तरफ हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई करने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ शहर का माहौल सामान्य बनाए रखने की जिम्मेदारी भी है। एक पक्ष जहां पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई के आरोप लगा रहा है, वहीं अब राम सिंह की गिरफ्तारी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष पर टिकी हैं।

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