नई दिल्ली। निशु आजाद मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उस पर गाजियाबाद निवासी संजय कुमार पर हमला करने का आरोप है।निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हमले के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दिल्ली पुलिस एक्शन में आ गई है। पुलिस ने आरोपी को उत्तर प्रदेश स्थित बुलंदशहर से 4 सितंबर, शुक्रवार को हिरासत में ले लिया। पुलिस आरोपी को बुलंदशहर स्थित चोला थाने लेकर गई। यहां उससे पुलिस पूछताछ कर रही है।
भारद्वाज द्वारा एक पॉडकास्ट में संजय कुमार पर हमले का जिक्र किया गया था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के नेता हरकत में आ गए।सीजेपी से आशुतोष रांका, सौरव दास, कांग्रेस की छात्र इकाई से विनोद जाखड़, नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद समेत तमाम नेता और कार्यकर्ता दिल्ली स्थित संसद मार्ग थाने पहुंचे। सभी ने एक स्वर में भारद्वाज के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की।।।
इन नेताओं की दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से करीब 2 घंटे तक बातचीत हुई। इसमें अंतिम निर्णय हुआ कि आरोपी पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होगा। वहीं संजय कुमार का मेडिकल दोबारा होगा। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले में हत्या की कोशिश करने यानी अटेम्प्ट टू मर्डर का मामला दर्ज होगा।इसके साथ ही पुलिस ने यह भी कहा था कि आगामी 72 घंटों के भीतर भारद्वाज को गिरफ्तार किया जाएगा।
उधर, इस मामले में एक्शन के बीच सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि आखिरकार, दिल्ली पुलिस ने उस संघी गुंडे के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और कहा है कि उसे 72 घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस के सामने हुए हेट क्राइम के लिए FIR दर्ज कराने में ही दो महीने और एक विरोध-प्रदर्शन का समय लग गया। पुलिस विभाग को ठीक करो!वहीं सौरव दास ने भी पुलिस को आज शाम तक का अल्टीमेटम दिया है। दास ने कहा है कि अगर पुलिस ने उचित कार्रवाई नहीं की तो शाम को फिर से थाने का घेराव होगा।
दरअसल, सीजेपी के आंदोलन के शुरुआती दौर में 23 जून को संजय कुमार को चोट आई थी। उनकी बेटी निशु आजाद का दावा है कि उनके पिता के साथ हुई इस घटना के संदर्भ में एफआईआर दर्ज कराई गई थी लेकिन पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। आजाद का यह भी आरोप है कि मामले में जानबूझकर हल्की धाराएं लगाई गईं।बीते रोज 3 सितंबर को जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वह निशु आजाद के पिता संजय को कड़े से मारने, 60 टांके लगने और फिर एक फोन कॉल पर जेल से बाहर आने का दावा कर रहा था, उसके बाद सीजेपी और अन्य सियासी दल एक्टिव हो गए।वीडियो वायरल होने के बाद निशु आजाद ने भी एक वीडियो पोस्ट किया और उसमें नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि अभी तक न्याय नहीं मिला है और सिर्फ उन्हीं से न्याय की उम्मीद है।आरोपी ने वायरल वीडियो में बीजेपी नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा, लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का भी नाम लिया। इसके बाद विपक्षी दलों ने दावा किया कि आरोपी को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।







