ग्रेटर नोएडा निक्की केस में अब पति का पुलिस एनकाउंटर, निक्की के पिता ने कहा था ‘चला दें बुलडोजर’

August 24, 2025 3:54 PM
nikki dowry death case

लेंस डेस्क। ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में 21 अगस्त 2025 की रात एक दिल दहलाने वाली घटना हुई । 28 वर्षीय निक्की को उसके पति विपिन भाटी और ससुराल वालों ने कथित तौर पर 36 लाख रुपये के दहेज की मांग पूरी न होने पर जिंदा जला दिया।

इस क्रूर घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें विपिन और उसकी मां निक्की के साथ मारपीट करते और उसे बालों से घसीटते दिख रहे हैं। एक अन्य वीडियो में निक्की आग की लपटों में सीढ़ियों से लंगड़ाते हुए उतरती नजर आ रही है।

पुलिस ने विपिन को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन रविवार को हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान पुलिस की गोलीबारी में वह घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। nikki dowry death case

निक्की की बहन कंचन, जो विपिन के भाई से शादीशुदा है, उसने मीडिया को बताया कि 2016 में शादी के बाद से ही दोनों बहनों को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था।

कंचन के मुताबिक, ससुराल वालों ने 36 लाख रुपये की मांग की और निक्की के साथ बर्बरता की। “उन्होंने मेरी बहन को बुरी तरह पीटा, उस पर तेजाब डाला और लाइटर से आग लगा दी। मैं और बच्चे वहां मौजूद थे, लेकिन मैं उसे बचा नहीं सकी,” कंचन ने रोते हुए कहा।

निक्की का 6 साल का बेटा, जिसने यह खौफनाक मंजर देखा, ने बताया, “पापा ने मम्मी पर कुछ डाला, थप्पड़ मारा और फिर आग लगा दी।” निक्की को पहले फोर्टिस अस्पताल और फिर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।

विपिन ने अस्पताल में बयान दिया “मुझे कोई पछतावा नहीं है। मैंने कुछ नहीं किया, उसने खुद को मारा। पति-पत्नी में झगड़ा तो आम बात है।” हालांकि, पुलिस और निक्की के परिवार ने इस दावे को खारिज कर दिया।

निक्की के पिता ने योगी सरकार से मांग की है कि सभी आरोपियों को मुठभेड़ में मार गिराया जाए और उनके घर पर बुलडोजर चलाया जाए। उन्होंने बताया कि शादी में स्कॉर्पियो और बुलेट जैसी मांगें पूरी करने के बावजूद ससुराल वाले और पैसे मांग रहे थे।

पुलिस ने बताया कि अतिरिक्त डीसीपी सुधीर कुमार के नेतृत्व में जांच चल रही है। विपिन के पिता सत्यवीर और भाई रोहित अभी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस टीमें लगी हैं। इस मामले ने दहेज उत्पीड़न की गंभीर समस्या को फिर से उजागर किया है।

सैकड़ों ग्रामीणों ने कासना थाने के बाहर प्रदर्शन कर न्याय की मांग की। यह घटना समाज में दहेज के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत को रेखांकित करती है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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