रायपुर। राजधानी रायपुर में ऑनलाइन सट्टे (Online Satta) के खिलाफ चल रही पुलिस की कार्रवाई अब बड़े सिंडिकेट के खुलासे में बदलती जा रही है। महादेव ऐप की तर्ज पर फैले हाईटेक सट्टा नेटवर्क की जांच में पुलिस को लगातार नए लिंक मिल रहे हैं। बाबू खेमानी के नेटवर्क से जुड़े नमन जग्गी और आयुष जैन की गिरफ्तारी हुई। इसके बाद अब उन्हें तकनीकी पैनल और मास्टर आईडी उपलब्ध कराने वाले आरोपी अंकित अग्रवाल को नागपुर से गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अफसरों के मुताबिक, अंकित अग्रवाल सिर्फ एक साधारण सहयोगी नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क का तकनीकी ऑपरेटर माना जा रहा है। आरोप है कि वही ऑनलाइन सट्टे के लिए इस्तेमाल होने वाले ‘तीन पैनल 777’ जैसे सिस्टम तैयार करता था, जिनके जरिए हजारों आईडी एक्टिव कर बेटिंग करवाई जाती थी।
जांच टीम में शामिल अफसरों ने बताया कि रायपुर से संचालित यह नेटवर्क सिर्फ छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं था, बल्कि महाराष्ट्र, गोवा और दूसरे राज्यों तक फैला हुआ था। यही वजह है कि पुलिस अब बैंक ट्रांजैक्शन, डिजिटल वॉलेट, फर्जी खातों और सोशल मीडिया चैनलों की गहन जांच कर रही है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि सिंडिकेट बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। मुख्य आरोपी खिलाड़ियों को जोड़ने के लिए मास्टर आईडी जारी करते थे। इसके नीचे सब-पैनल और एजेंट बनाए जाते थे, जो नए लोगों को ऑनलाइन सट्टे से जोड़ते थे।
इस नेटवर्क का संचालन मोबाइल ऐप, टेलीग्राम चैनल, व्हाट्सऐप ग्रुप और निजी लिंक के जरिए किया जा रहा था। पुलिस को आशंका है कि करोड़ों रुपए का लेन-देन हवाला और फर्जी बैंक खातों के जरिए किया गया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल, लैपटॉप, सट्टा-पट्टी, बैंकिंग दस्तावेज और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं। जब्त डेटा की साइबर टीम फॉरेंसिक जांच कर रही है।
सराफा और होटल कारोबारियों से भी जुड़े तार
जांच के दौरान कुछ ऐसे वित्तीय लिंक भी सामने आए हैं, जिनके तार शहर के बड़े कारोबारियों, सराफा व्यापारियों और होटल कारोबार से जुड़े लोगों तक पहुंच रहे हैं। पुलिस फिलहाल इन इनपुट्स को खंगाल रही है।
अफसर बताते हैं कि सिंडिकेट सिर्फ ऑनलाइन बेटिंग तक सीमित नहीं था, बल्कि रकम की रिकवरी, निवेश और नेटवर्क विस्तार के लिए प्रभावशाली लोगों का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि कहीं सट्टे की रकम को वैध कारोबार में खपाया तो नहीं जा रहा था।
बाबू खेमानी की गिरफ्तारी के बाद खुल रहा नेटवर्क
17 अप्रैल को रायपुर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट के कथित मास्टरमाइंड बाबू खेमानी को मुंबई से गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक खेमानी ने सोशल मीडिया लोकप्रियता का इस्तेमाल कर हाई प्रोफाइल खिलाड़ियों तक पहुंच बनाई थी।
जांच में सामने आया था कि उसने “3 STUMPS” नाम से ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म शुरू किया था, जिसे उसके करीबी और रिश्तेदार ऑपरेट कर रहे थे। आरोप है कि नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर ऑनलाइन बेटिंग करवाई जाती थी और रकम वसूली के लिए दबाव भी बनाया जाता था।
चार महीने में 78 गिरफ्तारी, करोड़ों की जब्ती
कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद रायपुर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ लगातार कार्रवाई तेज की है। वर्ष 2026 में अब तक 15 मामलों में 78 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस के मुताबिक कार्रवाई में अब तक लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपए की संपत्ति और सामान जब्त किए गए हैं। इनमें 67 लाख रुपए नकद, 217 मोबाइल फोन, 20 लैपटॉप, 10 चारपहिया वाहन और 4 दोपहिया वाहन शामिल हैं।
अब पुलिस की नजर इस पूरे नेटवर्क के फाइनेंसर, तकनीकी ऑपरेटर और बाहरी राज्यों में बैठे मास्टरमाइंड पर है। अधिकारियों का दावा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
यह भी पढ़ें: सोशल मीडिया इंफ्लूएंशर से कैसे बना सट़्टा किंग बाबू खेमानी… क्राइम ब्रांच ने अब घर में क्यों दी दबिश?











