नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का परिवार दिसंबर 2023 से उज्जैन में 168 एकड़ जमीन खरीद चुका है । महत्वपूर्ण है कि उज्जैन शहर में बड़े पैमाने पर शहरी का विकास हो रहा है, जिसमें नई सड़कें, हाईवे और भूमि उपयोग में बदलाव शामिल हैं। इससे आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है। इससे उज्जैन भारत के सबसे गर्म प्रॉपर्टी मार्केट्स में से एक बन गया है। लेकिन गजब यह है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव, उनके परिवार के अन्य सदस्य , भाई-बहन और चचेरे भाई-बहन इस प्रॉपर्टी बूम के शुरुआती निवेशकों में शामिल हैं।
कहां कहां खरीदा प्लॉट
प्रतिष्ठित अखबार इंडियन एक्सप्रेस की जांच के अनुसार, 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से मोहन यादव के परिवार और उनके रियल एस्टेट कंपनियों ने उज्जैन में कम से कम 168 एकड़ के 137 प्लॉट्स ₹45 करोड़ में खरीदे हैं। ये ज्यादातर उन इलाकों में हैं जहां सरकार की घोषित सड़क परियोजनाओं और भूमि उपयोग बदलाव से फायदा हुआ है। इनमें से कम से कम 6 प्लॉट बाद में बेचे भी गए। 2026 की लेन-देन शामिल नहीं हैं क्योंकि रिकॉर्ड तुरंत अपडेट नहीं होते।
कौन कौन खरीददार
मोहन यादव की पत्नी सीमा यादव, बेटे वैभव की पत्नी शालिनी यादव, भाई नंदलाल और नारायण यादव, नारायण की पत्नी रेखा, उनके बेटे अभय यादव, तथा चचेरे भाई गोविंद और नीलेश यादव — या तो सीधे या परिवार की चार रियल एस्टेट कंपनियों के माध्यम से यह खरीदी किए हैं।
दो मुख्य मुद्दे जो उचितता और हितों के टकराव के सवाल उठाते हैं:
- नई सड़कों के पास प्लॉट्स: खरीदी गई 168 एकड़ में से 111 एकड़ उज्जैन और आसपास की नई सड़क परियोजनाओं के बिल्कुल पास हैं। इनमें गंगेड़ी (51 एकड़), कराडिया-नवाखेड़ा (9 एकड़), करोंदिया (8 एकड़), जयवंतपुरा (6 एकड़), चंदेसरा (9 एकड़) और उनहेल (29 एकड़) शामिल हैं।
- भूमि उपयोग परिवर्तन: उज्जैन मास्टर प्लान 2035 (मई 2023) में कृषि से आवासीय/व्यावसायिक उपयोग में बदलाव वाले लगभग हर जोन में परिवार की जमीन है। सीएम बनने के बाद परिवार ने ऐसे क्षेत्रों में कम से कम 37 एकड़ खरीदी।
पहले भी करते थे यही कारोबार
मोहन यादव बनने से पहले (2021-2023) परिवार के पास पहले से 179 एकड़ के 108 प्लॉट थे। सीएम बनने के बाद खरीदारी तेज हुई। 2025 में अकेले 92 एकड़ के 62 प्लॉट खरीदे गए।मोहन यादव के पास खुद 17 एकड़ ।पत्नी सीमा के नाम 10.6 एकड़। परिवार की कंपनी सिद्धि विनायक देवकॉन के माध्यम से 39.5 एकड़ अतिरिक्त।
मध्य प्रदेश सरकार का जवाब
मुख्यमंत्री या उनके कार्यालय ने इंडियन एक्सप्रेस के प्रश्नों का जवाब नहीं दिया। अधिकारियों ने कहा कि “सीएम के परिवार के कारोबार को सीएम से जोड़ना उचित नहीं”। विस्तारित परिवार लंबे समय से रियल एस्टेट में है।
चचेरे भाईयों का बयान
गोविंद यादव के बेटे अनंत यादव ने कहा “हमारा परिवार 2010 से रियल्टी में है। निजी नागरिक होने के नाते हमें जमीन खरीदने, विकसित करने या बेचने का पूरा अधिकार है। क्या सिर्फ इसलिए बंद कर दें क्योंकि परिवार में सीएम है?”
हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए भी खरीदी जमीनें
गंगेड़ी में खरीदी गई जमीन को इंडोर के शांति महालोक बिल्डर्स को विकास के लिए सौंपा गया है। कुछ हिस्से 60:40 या 67.8 फीसदी शेयरिंग पर हैं। यह जांच उज्जैन के विकास, सड़क परियोजनाओं और परिवार की जमीन खरीदारी के बीच संभावित संबंधों को उजागर करती है। विपक्षी नेता पहले भी मास्टर प्लान में बदलाव पर सवाल उठा चुके हैं।










