नई दिल्ली। कमोडिटी मार्केट में ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। देश के सबसे बड़े कमोडिटी एक्सचेंज Multi Commodity Exchange (MCX) ने ट्रेडिंग घंटों में बदलाव का ऐलान किया है। एक्सचेंज द्वारा जारी सर्कुलर के मुताबिक नए ट्रेडिंग टाइम 9 मार्च 2026 से लागू होंगे।
यह बदलाव अमेरिकी डेलाइट सेविंग टाइम (Daylight Saving Time) में परिवर्तन के चलते किया जा रहा है। अमेरिका में समय एक घंटा आगे बढ़ाए जाने से भारत और अमेरिका के समय के अंतर में बदलाव होता है, जिसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार और भारतीय ट्रेडिंग समय पर पड़ता है।
MCX के अनुसार, नॉन-एग्री कमोडिटी जैसे गोल्ड, सिल्वर, क्रूड ऑयल और बेस मेटल में ट्रेडिंग सुबह 9:00 बजे से शुरू होकर रात 11:30 बजे तक चलेगी।
इन कमोडिटी में क्लाइंट कोड मॉडिफिकेशन की सुविधा सुबह 9:00 बजे से रात 11:45 बजे तक उपलब्ध रहेगी। इससे निवेशकों को देर रात तक पोजीशन मैनेज करने और अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल के मुताबिक फैसले लेने का मौका मिलेगा।
चुनिंदा एग्री कमोडिटी जैसे कॉटन, कॉटन ऑयल और कपास में ट्रेडिंग सुबह 9:00 बजे से रात 9:00 बजे तक होगी। इन कमोडिटी में क्लाइंट कोड मॉडिफिकेशन का समय रात 9:15 बजे तक रहेगा।
वहीं अन्य सभी एग्री कमोडिटी में ट्रेडिंग सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक होगी और क्लाइंट कोड मॉडिफिकेशन शाम 5:15 बजे तक किया जा सकेगा।
ग्लोबल मार्केट से बेहतर तालमेल
यह बदलाव खास तौर पर उन निवेशकों के लिए अहम है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल को ध्यान में रखकर ट्रेडिंग करते हैं। अमेरिका और यूरोप के कमोडिटी बाजार भारतीय समयानुसार देर रात सक्रिय रहते हैं। ऐसे में MCX के ट्रेडिंग घंटे बढ़ने से भारतीय निवेशकों को ग्लोबल मार्केट के साथ बेहतर तालमेल बनाने का अवसर मिलेगा।
गौरतलब है कि गोल्ड, सिल्वर और क्रूड ऑयल जैसी कमोडिटी की कीमतें वैश्विक बाजार से सीधे प्रभावित होती हैं। ऐसे में ट्रेडिंग टाइम बढ़ने से इन कमोडिटी में सक्रिय निवेशकों को सबसे ज्यादा फायदा होने की उम्मीद है।











