प्रेमी जोड़े को बैलों की तरह हल से बांध दिया! ओडिशा में हफ्ते भर में दूसरी घटना

July 16, 2025 3:49 PM

भुवनेश्वर। ओडिशा के आदिवासी बहुल कोरापुट और रायगड़ा जिलों से दो प्रेमी जोड़ों के साथ बर्बरता किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। ताजा घटना कोरापुट जिले में रविवार को हुई जहां एक प्रेमी जोड़े को बैलों की तरह हल से बांध कर चौराहे पर घुमाया गया। उनका कसूर बस यह था कि वे एक ही गोत्र (marrying within the same clan) के हैं।

पता चला कि नारायणपटना ब्लॉक के 22 साल के नरेंद्र पिडिका और 21 साल की असंती पिडिका दोनों कोंध समुदाय के थे, दोनों में प्रेम था और दोनों ने शादी कर ली थी। रथयात्रा के दौरान दोनों भाग कर आंध्र प्रदेश चले गए थे। पिछले हफ्ते जब वे गांव लौटे तो समुदाय ने उन्हें स्वीकार नहीं किया और कथित शुद्धीकरण के नाम पर उन्हें यह सजा दी गई। उन्हें बैलों की तरह हल से बांधकर गांव के चौराहे पर घुमाया गया। यह घटना कैमरे में कैद हो गई और अब सोशल मीडिया पर वायरल है, जिससे लोगों में गुस्सा भड़क रहा है।

ओडिशा के कुछ आदिवासी समुदायों में समान गोत्र में शादी को निषिद्ध माना जाता है। गांव वालों ने इसे ‘पाप’ करार देते हुए जोड़े को सजा देने का फैसला किया। उन्हें जूतों की माला भी पहनाई गई और गांव में घुमाया गया। इस दौरान उन पर हमले भी किए गए।
कुछ दिन पहले ही ओडिशा के रायगड़ा जिले में भी इसी तरह की एक घटना सामने आई थी, जिसमें एक युवा जोड़े को एक ही गोत्र में शादी करने की सजा दी गई थी। उस मामले में पुरुष महिला की मौसी का बेटा था।

रायगड़ा की घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें जोड़े को हल से बांधकर खेत में घसीटा गया और दो लोगों ने उन्हें लाठियों से पीटा। बाद में उन्हें गांव के मंदिर में ले जाकर ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान किए गए। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस अमानवीय घटना की कड़ी निंदा की है और जिला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। हालांकि अभी तक कोई पुलिस शिकायत दर्ज नहीं हुई है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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