छत्तीसगढ़ में बिना टेंडर स्मार्ट मीटर का ठेका देने की तैयारी!

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली वितरण कंपनी पर हाई टेंशन (एचटी) औद्योगिक कनेक्शनों में बिना नया टेंडर निकाले स्मार्ट मीटर (Smart Meter) लगाने का मामला सामने आया है। घरेलु कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर लगाने वाले मौजूदा ठेकेदारों टाटा पॉवर और जीनस ग्रुप को ही एचटी कनेक्शन में स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी का आरोप लगा है। दावा किया जा रहा है कि इस संबंध में विभाग के भीतर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक बिजली कंपनी के एमडी भीम सिंह कंवर ने इस पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। यह फाइल बिजली कंपनी के चेयरमैन सुबोध सिंह के पास भेज दी गई है।

इस मामले पर छत्तीसगढ़ राज्य रिटायर्ड पावर इंजीनियर्स-ऑफिसर्स एसोसिएशन ने सवाल उठाए हैं। एसोसिएशन का कहना है कि यदि बिना खुली और पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया के यह काम दिया जाता है, तो यह सरकारी नियमों और खरीद प्रक्रिया के खिलाफ होगा।

एसोसिएशन के अध्यक्ष पी.एन. सिंह ने द लेंस को बताया कि वर्ष 2023 में केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने का टेंडर जारी किया गया था। उस टेंडर में एचटी औद्योगिक कनेक्शनों को शामिल नहीं किया गया था। इसकी वजह यह थी कि इन कनेक्शनों के लिए पहले से ऑटोमैटिक मीटर रीडिंग (एएमआर) सिस्टम काम कर रहा था। इसी सिस्टम से मुख्यालय स्तर पर मीटर रीडिंग ली जाती है।

श्री सिंह ने आगे बताया कि बाद में बड़े हाई वोल्टेज औद्योगिक कनेक्शनों को मौजूदा ठेकेदारों के दायरे में शामिल कर दिया गया। अब तीन साल बाद एचटी औद्योगिक कनेक्शनों में भी स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी की जा रही है। आरोप है कि इसके लिए नया टेंडर नहीं निकाला गया। बल्कि मौजूदा ठेकेदारों से ही दरें लेकर काम देने का प्रस्ताव बनाया गया है।

एसोसिएशन का कहना है कि केंद्र सरकार की आरडीएसएस गाइडलाइन में भी औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए एएमआर सिस्टम का प्रावधान है। छत्तीसगढ़ में यह व्यवस्था पहले से चल रही है। ऐसे में इसे बदलने की जरूरत नहीं है।

प्रदेश में करीब 4,200 एचटी औद्योगिक कनेक्शन हैं। बिजली वितरण कंपनी को मिलने वाले कुल राजस्व का आधे से ज्यादा हिस्सा इन्हीं उपभोक्ताओं से आता है। इसी राजस्व के सहारे घरेलू, बीपीएल और कृषि पंप उपभोक्ताओं को कम दर पर बिजली दी जाती है। इसलिए इस व्यवस्था में बदलाव से कंपनी के राजस्व पर असर पड़ सकता है।

पी.एन. सिंह का कहना है कि देश के कई राज्यों में स्मार्ट मीटर को लेकर विवाद और विरोध हो रहा है। उनका दावा है कि छत्तीसगढ़ में भी अभी तक तय लक्ष्य के अनुसार सभी स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जा सके हैं। कई जगह प्रीपेड व्यवस्था भी शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में पहले से अच्छी तरह चल रही एएमआर प्रणाली को हटाकर एचटी औद्योगिक कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर लगाने का फैसला सही नहीं माना जा सकता।इन आरोपों पर बिजली वितरण कंपनी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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