‘मरीन ड्राइव’ के लिए घराें पर बुलडोजर, वित्त मंत्री ओपी चौधरी के खिलाफ जमकर नारेबाजी

Marine Drive

रायगढ़। छत्तीसगढ़  रायगढ़ में ‘मरीन ड्राइव’ के लिए उजड़ती बस्ती को लेकर दूसरे दिन भी लोगों ने प्रदर्शन किया। रायगढ़ के जेलपारा मोहल्ले में मरीन ड्राइव प्रोजेक्ट के लिए घरों पर दूसरे दिन बुलडोजर चलने के दौरान लोग स्थानीय विधायक और वित्त मंत्री ओपी चौधरी का विरोध करते रहे, लेकिन प्रशासन का हथौड़ा नहीं रुका। नगर निगम से लेकर प्रशासन तक गुहार लगाई लेकिन कोई भी सुनने को तैयार नहीं हुआ।

शुक्रवार रात से लोग कलेक्टर, महापौर से लेकर रायगढ़ के स्थानीय विधायक और वित्त मंत्री ओपी चौधरी के बंगले के बाहर पहुंचे और घरों को गिरने से रोकने की मांग करते रहे, लेकिन कोई सुनने को तैयार ही नहीं हुआ। दो दिन से मीडिया ओपी चौधरी से बात करने की कोशिश करता रहा, लेकिन वे कुछ भी कहनें को तैयार नहीं हुए। हालांकि शनिवार को मंत्री ओपी चौधरी ने निःशुल्क आवास देने का वादा किया है, लेकिन इसके बाद भी स्थानीय लोग प्रशासन से खुश नहीं दिख रहे। उनके आक्रोश को देखा जा सकता है।

दरअसल, जेलपारा में शुक्रवार रात कलेक्टर बंगले का घेराव और आश्वासनों के बावजूद, महज 12 घंटे की नोटिस में घर ढहा दिए गए। रायगढ़ नगर निगम केलो नदी के किनारे मरीन ड्राइव बना रहा है। इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर जारी हो चुका है। लेकिन,  जेलपारा के निवासियों, कांग्रेस पार्षदों और कुछ स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसका कड़ा विरोध किया। निवासियों का कहना है कि उन्हें बिना उचित पुनर्वास के उजाड़ा जा रहा है। फिर भी, प्रशासन ने उनकी एक न सुनी और तोड़फोड़ शुरू कर दी।

शुक्रवार रात जेलपारा की महिलाओं ने कलेक्टर बंगले का घेराव किया था। नगर निगम अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि अभी तोड़फोड़ नहीं होगी। लेकिन, महज 12 घंटे की नोटिस के साथ घर ढहा दिए गए। निवासियों ने हाईकोर्ट में स्टे ऑर्डर के लिए जाने का फैसला किया था लेकिन सोमवार को कोर्ट खुलने से पहले ही बुलडोजर चल गया।

प्रगति नगर कयाघाट मोहल्ले में नगर निगम के तोड़फोड़ के बीच दूसरी दिन भी विरोध होता रहा है। रविवार सुबह कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुहल्ले वासियों के साथ मिलकर तोड़फोड़ का विरोध किया। पुलिस और निगम कर्मचारियों से बहस भी हुई। लेकिन, इसके बाद कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और विरोध करने वाले स्थानीय लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

शनिवार को ही प्रदेश कांग्रेस ने 8 सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है।  इसमें खरसिया विधायक विधायक उमेश पटेल, धर्मजयगढ़ विधायक लालजीत राठिया,  लैलूंगा विधायक विद्यावती सिदार,  सारंगढ़ विधायक उत्तरी गणपत जांगड़े  और बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राणलहरे  शामिल हैं। इनके अलावा इस कमेटी में रायगढ़ जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष नगेंद्र नेगी, रायगढ़ जिला कांग्रेस शहर अनिल शुक्ला के अलावा नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया का नाम भी शामिल है।

कांग्रेस पार्टी ने इस मामले को मुद्दा बना दिया है और अब लगातार मोहल्लेवासियों के साथ मिलकर इस मुद्दे को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

रविवार की सुबह कांग्रेस के शहरी और ग्रामीण इकाई के अध्यक्ष नगेंद्र नेगी, अनिल शुक्ला समेत कई नेता व कार्यकर्ता कयाघाट मोहल्ला पहुंचे जहां पूर्व योजनानुसार नगर निगम द्वारा तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा रही थी।

इस इलाके में यह पहली बार नहीं हुआ है। नालंदा परिसर निर्माण के लिए मरीन ड्राइव के पास 5 घर सुबह 4 बजे तोड़े गए थे। जेलपारा में भी भारी विरोध और झड़पों के बावजूद, पुलिस बल के सहारे कई मकानों को जमींदोज कर दिया गया। प्रशासन का कहना है कि यह अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई है।

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