मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय में प्रोफेसर अविनाश बाजपेयी की नियुक्ति पर नोटिस जारी

April 16, 2026 2:58 PM

जबलपुर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल में Professor Avinash Bajpai की कथित अवैध नियुक्ति पर नोटिस जारी कर दिया है। 15 अप्रैल 2026 को हुई सुनवाई के दौरान प्रोफेसर आशुतोष मिश्रा (मीडिया प्रोफेसर) ने क्वो वॉरंटो याचिका दायर कर अविनाश बाजपेयी की 2014 में मैनेजमेंट विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर हुई नियुक्ति को चुनौती दी। याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि बाजपेयी की नियुक्ति को अवैध घोषित कर रद्द किया जाए।

याचिका में मुख्य आरोप हैं कि अविनाश बाजपेयी ने नियुक्ति के समय पद की जरूरी योग्यता और अनुभव के मानकों को पूरा नहीं किया था। उन्होंने एक ही समय में दो अलग-अलग जगहों पर अनुभव दिखाया जो व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। साथ ही उनकी पीएचडी भी नियमों के विरुद्ध प्राप्त की गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट के.सी. घिल्डियाल और संपत कुशवाहा ने इन तथ्यों को विस्तार से अदालत के समक्ष रखा।

लंबी सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय प्रबंधन और प्रोफेसर अविनाश बाजपेयी को नोटिस जारी कर याचिका का जवाब मांगा है। यह मामला विश्वविद्यालय में शिक्षकीय पदों पर होने वाली नियुक्तियों की पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब मामले की अगली सुनवाई का इंतजार है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 5 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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