लेंस डेस्क। देश में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत को लेकर आज केंद्र सरकार ने फिर साफ किया कि घरेलू एलपीजी की कोई कमी नहीं है। इस बीच पंजाब में सिलेंडर के लिए लाइन में लगे एक शख्स की मौत हो गई है। देश के विभिन्न राज्यों में सिलेंडर की ओवर बुकिंग के कारण एजेंसियों के बाहर लाइनें लगी हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार ने राज्यों को केरोसिन का कोटा भी बढ़ा दिया है, जिसके जरूरतमंदों तक वितरण की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “एलपीजी सप्लाई एक ‘ मैटर ऑफ कंसर्न ‘ है, लेकिन कोई ड्राई आउट नहीं है। 1 लाख रिटेल आउटलेट्स और 25,000 डिस्ट्रीब्यूटर्स पर पर्याप्त स्टॉक है।” साथ ही यह भी दावा उन्होंने किया है कि है रोजाना 50 लाख सिलेंडर डिलीवर हो रहे हैं।
घरेलू कनेक्शन वाले 33 करोड़ से ज्यादा परिवारों को प्राथमिकता दी जा रही है। डिलीवरी साइकल 2.5 दिन का ही है। पैनिक बुकिंग और होर्डिंग को रोकने के लिए शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण में 45 दिन का बुकिंग गैप लगाया गया है। डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड 90% तक बढ़ाया गया। पीएम नरेंद्र मोदी और मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि अफवाहें फैलाने वाले देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ब्लैक मार्केटिंग पर सख्त एक्शन। वैकल्पिक ईंधन (केरोसिन, कोयला) बढ़ाए गए।
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जनता की परेशानी का दूसरा पहलू
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कमर्शियल एलपीजी पर कटौती के बाद कई शहरों में लंबी कतारें लग रही हैं। पैनिक बुकिंग और दिक्कतें बढ़ गई हैं। घरेलू स्तर पर भी बुकिंग सिस्टम क्रैश हो रहे हैं, ब्लैक मार्केट में सिलेंडर 1300-3000 रुपये तक बिक रहे हैं।
न्यूज 24 के अनुसार पंजाब के बरनाला के शेहना गांव के 66 वर्षीय भूषण कुमार मित्तल सुबह 5 बजे कतार में लगे थे। दो घंटे इंतजार के बाद थकान से सिलेंडर पर बैठे और हार्ट अटैक से गिर पड़े। अस्पताल में उनकी मौत हो गई। बेटे देव राज ने पोस्टमॉर्टम की बात कही। कांग्रेस नेता सुखविंदर सिंह धालीवाल (भदौर) ने इसके लिए सीधे केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने केंद्र और पंजाब सरकार दोनों से परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
राज्यों को बढ़ाया गया केरोसिन कोटा
इस संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने सालों बाद घरेलू उपयोग के लिए अतिरिक्त केरोसिन कोटा जारी कर दिया गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की आधिकारिक ब्रिफिंग में जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने साफ कहा है कि “क्वार्टरली आधार पर राज्यों को लगभग 1 लाख किलोलीटर केरोसिन दिया जाता है।
अब अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर (यानी 4.8 करोड़ लीटर) केरोसिन जारी करने का आदेश दे दिया है।” यह केरोसिन घरेलू उपयोग के लिए है। राशन की दुकानों और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के रिटेल आउटलेट्स से मिलेगा। राज्य सरकारें जरूरतमंदों की पहचान करेंगी। मुख्य रूप से गरीब, BPL परिवार, ग्रामीण क्षेत्र और जरूरतमंद लोगों को PDS राशन दुकानों से केरोसिन वितरण का इंतजाम किए जाने के आदेश दिए गए हैं।
वितरण का जिम्मा पूरी तरह राज्यों का होगा केंद्र सिर्फ कोटा दे रहा है। यह कोटा खाना पकाने और लाइटिंग दोनों के लिए है। लेकिन यह अस्थायी व्यवस्था है।











