कोलकाता में भारी बारिश, सात की मौत,30 से ज्यादा फ्लाइट रद्द,दुर्गा पूजा पर संकट

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और इसके आसपास के इलाकों में रातभर हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। इस बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलजमाव हो गया जिसके चलते सात लोगों की जान चली गई।

ये हादसे बेनियापुकुर, कालीकापुर, नेताजी नगर, गरियाहाट, एकबालपुर, बेहाला और हरिदेवपुर जैसे इलाकों में हुए जो कोलकाता के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में बसे हैं। इनमें से कम से कम तीन लोगों की मौत बिजली के करंट लगने से हुई है।

जलजमाव से हलचल ठप

भारी बारिश ने कोलकाता की सड़कों को तालाब में बदल दिया है। इससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और उपनगरीय रेल व मेट्रो सेवाएं भी बाधित हुई हैं। शहर के निचले इलाकों में पानी घरों में घुस गया, जिससे लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा। कई स्कूलों ने बारिश के कारण छुट्टी घोषित कर दी है।

कोलकाता नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, गरिया कमदहारी में कुछ ही घंटों में 332 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि जोधपुर पार्क में 285 मिमी, कालीघाट में 280 मिमी, टॉप्सिया में 275 मिमी और बालीगंज में 264 मिमी बारिश हुई। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण यह मूसलाधार बारिश हुई। शहर में अभी और बारिश की आशंका है।

दुर्गा पूजा पर संकट

यह भारी बारिश कोलकाता में होने वाली विश्व प्रसिद्ध दुर्गा पूजा से ठीक पहले आई है। शहर के पूजा पंडाल, जो दुनिया भर से पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, लगभग तैयार हैं। आयोजकों को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि बारिश की वजह से महीनों की मेहनत से बनाए गए पंडालों को नुकसान न पहुंचे।

जलजमाव ने कोलकाता हवाई अड्डे पर भी असर डाला है। हवाई अड्डे के टरमैक पर पानी जमा होने की तस्वीरें सामने आई हैं। एयर इंडिया और इंडिगो ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे उड़ान की स्थिति जांच लें, क्योंकि बारिश के कारण उड़ानें देरी से चल सकती हैं। इंडिगो ने भी यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दुर्गा पूजा के लिए कोलकाता आने वाले यात्रियों को भी इस स्थिति से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

मूसलाधार बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव हो गया है, जिससे यातायात ठप हो गया। हवाई यात्रा भी इस बारिश से अछूती नहीं रही, 30 उड़ानें रद्द कर दी गईं जबकि 31 अन्य उड़ानों में देरी हुई। इसके अलावा, बारिश के कारण कई हादसे भी सामने आए हैं, जिसने शहर की स्थिति को और गंभीर कर दिया है।

कलकत्ता इलेक्ट्रिक सप्लाई कॉर्पोरेशन ने लोगों से अपील की है कि वे जलजमाव वाली सड़कों पर बिजली के तारों और खंभों से दूर रहें, ताकि करंट लगने जैसी घटनाओं से बचा जा सके। कोलकाता के लोग इस प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे हैं, लेकिन प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में और बारिश की चेतावनी दी है, जिसके लिए शहर को तैयार रहने की जरूरत है।

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पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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