लेंस डेस्क। मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही से जुड़े कई मामलों ने अब पड़ोसी राज्यों की राजनीति में भी तूल पकड़ लिया है। छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टी. एस. सिंहदेव ( T.S. Singh Deo) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। सिंहदेव ने राज्य में मिलावटी दूध के कारोबार, आदिवासी बच्चों की मौत, जहरीली शराब त्रासदी और दूषित पेयजल जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार की कार्यप्रणाली को ‘आपराधिक लापरवाही और भ्रष्टाचार’ करार दिया है।
मिलावटी दूध पर उठाए गंभीर सवाल
टी. एस. सिंहदेव ने अपने ट्वीट में पशुधन और दुग्ध उत्पादन के आंकड़ों में विसंगति का दावा करते हुए लिखा कि मध्य प्रदेश में पिछले पांच वर्षों में दुधारू पशुओं की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई, फिर भी दूध उत्पादन 33.27 लाख मीट्रिक टन बढ़ गया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में यूरिया, शैंपू और डिटर्जेंट से जहरीला और नकली दूध तैयार किया जा रहा है, जिसका सीधा असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
हालिया त्रासदियों का दिया हवाला
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने अपने बयान में मध्य प्रदेश में घटी कई हालिया और दुखद घटनाओं का सिलसिलेवार उल्लेख किया:
बालाघाट में बच्चों की मौत: बालाघाट के दूरस्थ क्षेत्रों में कुपोषण, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और बीमारियों के चलते 30 से अधिक बैगा आदिवासी बच्चों की जान जाने का मुद्दा उठाया।
सागर जहरीली शराब कांड: सागर जिले में अवैध और जहरीली शराब के सेवन से 15 लोगों की मृत्यु और करीब 40 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की घटना का जिक्र किया।
छिंदवाड़ा कफ सिरप मामला: जहरीले कफ सिरप के अनियंत्रित कारोबार के कारण मासूम बच्चों की असमय मृत्यु पर चिंता जताई।
इंदौर (भगीरथपुरा) दूषित जल कांड: स्वच्छता में अव्वल शहर इंदौर के भगीरथपुरा में सीवरयुक्त पानी की आपूर्ति से कई नागरिकों की जान जाने और स्थानीय प्रशासन की बेरुखी को रेखांकित किया।
सिंहदेव ने अपने संदेश में कहा कि पिछले दो दशकों में मध्य प्रदेश को ‘भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला’ बना दिया गया है, जिसकी कीमत राज्य के मासूम बच्चे और आम नागरिक अपनी जान देकर चुका रहे हैं। उन्होंने इसे महज एक प्रशासनिक विफलता न मानकर सरकार की आपराधिक लापरवाही बताया।









