लेंस डेस्क। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरानी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Trump-Netanyahu) की हत्या करने वालों को भारी इनाम देने वाला बिल ला सकती है।
बताया जा रहा है कि प्रस्तावित बिल के तहत इन दोनों नेताओं को मारने वाले व्यक्ति को 500 करोड़ रुपए से ज्यादा का इनाम दिया जा सकता है।
ब्रिटिश अखबार द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी संसद का राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग इस बिल का मसौदा तैयार कर रहा है। आयोग के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा है कि ‘इस्लामिक रिपब्लिक की सैन्य और सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई’ नाम से एक विशेष बिल तैयार किया जा रहा है।
ईरानी सांसद महमूद नबावियन ने दावा किया है कि संसद जल्द ही इस बिल पर मतदान कर सकती है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव उन लोगों को सम्मान और इनाम देने के लिए लाया जा रहा है जो ट्रम्प और नेतन्याहू को ‘जहन्नुम पहुंचाएंगे’।
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई वरिष्ठ सैन्य और राजनीतिक नेताओं की मौत के बाद ईरान में गुस्सा बढ़ा है और उसी के बीच यह प्रस्ताव सामने आया है।
उधर, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि उन्होंने ईरान पर मंगलवार को संभावित सैन्य हमला फिलहाल टाल दिया है। ट्रम्प के मुताबिक कतर, सऊदी अरब और यूएई जैसे खाड़ी देशों के नेताओं ने बातचीत को मौका देने के लिए कुछ समय मांगा था।
डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि समय तेजी से निकल रहा है और अगर जल्द समझौता नहीं हुआ तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक जर्मनी स्थित अमेरिकी ठिकानों से हथियार लेकर कई कार्गो विमान इजराइल पहुंचे हैं। वहीं ट्रम्प और नेतन्याहू के बीच संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर बातचीत भी हुई है।
ईरान तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लगभग 1500 कारोबारी जहाज फंसे हुए हैं। इन जहाजों पर 20 हजार से ज्यादा नाविक मौजूद बताए जा रहे हैं। एक्सपर्ट्स ने इस इलाके में मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा जताया है।
सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने इराक की दिशा से आए तीन ड्रोन मार गिराए। कुवैत और कतर ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ईरान की युवा लड़कियों को AK-47 असॉल्ट राइफल खोलने और जोड़ने की ट्रेनिंग लेते देखा गया है। इसे अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
मध्य-पूर्व में तेजी से बदलते हालात के बीच दुनिया की नजर अब ईरान, अमेरिका और इजराइल पर टिकी हुई है। अगर यह विवाद और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
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