सोने-चांदी के भाव में भारी गिरावट: बाजार में उथल-पुथल, निवेशक सतर्क

February 5, 2026 5:15 PM
Gold and silver prices

लेंस डेस्‍क। भारतीय कमोडिटी बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के मार्च फ्यूचर्स में 10 प्रतिशत की भारी गिरावट आई, जबकि सोने के अप्रैल फ्यूचर्स में 1.5 से 2 प्रतिशत तक की कमी देखी गई। यह गिरावट वैश्विक बाजारों की कमजोरी और मजबूत अमेरिकी डॉलर की वजह से आई है, जिसने सुरक्षित निवेश के रूप में इन धातुओं की चमक को फीका कर दिया।

एमसीएक्स पर चांदी की कीमतें 26,850 रुपये की गिरावट के साथ 2,42,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गईं, जो कल के बंद भाव 2,68,850 रुपये से काफी नीचे है। इसी तरह, सोने की कीमतें 2,310 रुपये गिरकर 1,50,736 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गईं, हालांकि दिन में कुछ रिकवरी के साथ यह 1,53,594 रुपये तक पहुंची।

घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमतें विभिन्न शहरों में भिन्न रहीं – दिल्ली में 1,59,730 रुपये प्रति 10 ग्राम, मुंबई में 1,59,590 रुपये और चेन्नई में 1,62,680 रुपये। चांदी की खुदरा कीमतें भी 3,37,100 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास रहीं, लेकिन फ्यूचर्स में गिरावट का असर साफ दिखा।

विशेषज्ञों के अनुसार इस गिरावट के पीछे कई कारण हैं। अमेरिकी डॉलर की मजबूती, फेडरल रिजर्व की सख्त नीतियों की चिंता और जियोपॉलिटिकल तनावों में कमी ने निवेशकों को प्रॉफिट बुकिंग के लिए प्रेरित किया।

हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा केविन वार्श को फेड चेयर के रूप में नामित करने से डॉलर में उछाल आया, जो गैर-उपज वाली धातुओं के लिए नकारात्मक साबित हुआ। इसके अलावा, अमेरिका-ईरान वार्ता से मध्य पूर्व में तनाव कम होने से सुरक्षित आश्रय की मांग घटी।

एक मीडिया रिपोर्ट में इंडसइंड सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी ने बताया कि चांदी की कीमतों में 14 प्रतिशत तक की गिरावट हाल की रैली के बाद आई है,और डिप बायर्स के प्रवेश की उम्मीद के बावजूद गिरावट जारी रह सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय में जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताएं, सेंट्रल बैंक की खरीदारी और बढ़ते अमेरिकी कर्ज जैसे कारक सोने-चांदी को सपोर्ट देंगे, और 2026 में सोने की औसत कीमत 4,746.50 डॉलर प्रति औंस रह सकती है।

बाजार में अस्थिरता बनी हुई है, और निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। हालांकि, कुछ रिकवरी के संकेत दिख रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट एक अस्थायी करेक्शन हो सकती है, और लंबी अवधि में इन धातुओं में तेजी का रुझान बना रह सकता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now