गजा में शांति प्रयासों को झटका, इजरायली चरमपंथी संगठन ने रोकी मनवीय सहायता

October 20, 2025 3:48 PM
Gaza peace

लेंस डेस्‍क। एक ओर जहां गजा और इजरायल में युद्ध विराम हो चुका है, कैदियों की अदला बदली हो रही है वहीं दूसरी ओर एक  इजरायली चरमपंथी संगठन ने केरेम शालोम सीमा पर गाजा जा रही मानवीय सहायता के ट्रकों को रोक दिया है।

यह एक तरह से अमेरिका के शांति प्रस्‍ताव के प्रयासों के खिलाफ है। खुद को त्साव 9 (Tsav 9) कहने वाले इस चरमपंथी संगठन ने 10 अक्टूबर को युद्धविराम लागू होने से पहले इस्राएली नरसंहार के दौरान गाजा के लिए सहायता वाहनों को कई बार बाधित किया था। अब बीते शुक्रवार को भी सहायता सामग्री रोक दी गई।

आपको बता दें कि संयुक्‍त राष्‍ट्र की रिपोर्ट तस्‍दीक करती है कि गजा में भुखमरी बड़े पैमाने पर फैली है, बच्‍चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं।

अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में संगठन ने कहा कि उसके सदस्य इजरायल  नियंत्रित इस सीमा मार्ग पर कई जगहों पर सहायता ट्रकों के गुजरने को रोक रहे हैं।

संगठन का दावा है कि हमास समझौते का उल्लंघन कर रहा है और बंधकों को लौटाने से इनकार कर रहा है इसलिए उनकी पुनर्निर्माण में मदद करने वाली सहायता रोकी जानी चाहिए साथ ही कहा गया कि अंतिम मृतक के शव लौटने तक कोई सहायता ट्रक नहीं गुजरेगा

इन दावों का खंडन करते हुए हमास की सैन्य शाखा ब्रिगेड ने बुधवार को कहा कि वह बाकी बचे इजरायली बंधकों के शवों को निकालने के लिए तीव्र प्रयास कर रही है।

टाइम्स ऑफ इस्राइल के अनुसार हाल ही के इस्राएली हमले के दौरान बने त्साव 9 ने हाल के दिनों में सीमाओं तक जाने वाली सड़कों को अवरुद्ध किया आसपास विरोध प्रदर्शन आयोजित किए और कुछ मामलों में सहायता आपूर्तियों को लूटा या क्षतिग्रस्त किया ।

युद्धविराम समझौते के तहत हमास ने 20 जीवित इस्राएली बंधकों को रिहा किया और 10 अन्य बंधकों के शव सौंपे जबकि बदले में करीब 2000 फिलिस्तीनी कैदियों को मुक्त किया गया

यह समझौता पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तुत योजना के आधार पर इस्राइल और हमास के बीच हुआ जिसमें पहले चरण में इस्राएली बंधकों की रिहाई के बदले फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ा जाना शामिल है योजना में गाजा का पुनर्निर्माण और हमास के बिना नई शासन व्यवस्था स्थापित करने का भी प्रावधान है

अक्टूबर 2023 से अब तक इस्राएली हमलों में गाजा में करीब 68000 फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे हैं तथा इलाका लगभग रहने योग्य नहीं रह गया है।

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