लेंस न्यूज़ । ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच Strait of Hormuz में एक बार फिर हिंसा हुई है। फ्रांस की बड़ी शिपिंग कंपनी CMA CGM के एक कार्गो जहाज पर मिसाइल या ड्रोन से हमला किया गया। इस हमले में जहाज के कुछ क्रू मेंबर्स घायल हो गए।
कंपनी के अनुसार, सैन एंटोनियो नाम का जहाज मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहा था। अचानक जहाज पर हमला हुआ, जिसमें जहाज को नुकसान पहुंचा और कई कर्मचारी घायल हो गए। कंपनी ने तुरंत बयान जारी कर बताया कि सभी घायल क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और उनका इलाज चल रहा है।
ट्रंप का बड़ा फैसला
अमेरिका ने सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हुए अंतरराष्ट्रीय जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ नाम का विशेष ऑपरेशन शुरू किया था। लेकिन सिर्फ दो दिन बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को रोक दिया। इस ऑपरेशन में अमेरिका सिर्फ 3 जहाजों को सुरक्षित निकाल पाया, जबकि सामान्य स्थिति में इस रास्ते से रोजाना औसतन 130 जहाज गुजरते हैं। ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान की अपील पर यह फैसला लिया बताया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
ईरान: ईरान के राजदूत रेजा अमीरी मोघद्दम ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा, ‘जो गलती पहले हो चुकी है, उसे दोहराने पर पछताना पड़ता है।’
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बीजिंग में कहा कि ईरान किसी भी दबाव में समझौता नहीं करेगा। वे केवल ऐसा समझौता स्वीकार करेंगे जो दोनों पक्षों के हित में हो।
चीन: चीन ने दोनों देशों से तुरंत युद्ध रोकने की अपील की है। चीन का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यहां का तनाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है।
कितने हमले हो चुके हैं?
ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTA के अनुसार, ईरान-अमेरिका संघर्ष शुरू होने के बाद अब तक होर्मुज क्षेत्र में 26 प्रत्यक्ष हमले हो चुके हैं। कुल 46 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें संदिग्ध गतिविधियां और 2 अपहरण की कोशिशें भी शामिल हैं।
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी प्रस्ताव
अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान के खिलाफ एक नया प्रस्ताव पेश किया है। इसमें होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और ईरान पर दबाव बढ़ाने की मांग की गई है। अमेरिका ने चीन और रूस से वीटो न करने की अपील की है।
प्रोजेक्ट फ्रीडम क्यों फेल हुआ?
अमेरिका ने इस ऑपरेशन में गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर, 100 से ज्यादा हवाई जहाज, ड्रोन और 15,000 सैनिकों को शामिल किया था। ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों पर फायरिंग की जिसके जवाब में अमेरिका ने कुछ ईरानी नावों को डुबोने का दावा किया।
मौजूदा स्थिति
28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष के बाद होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है। इस इलाके में 1550 से ज्यादा व्यापारी जहाज फंसे हुए हैं, जिन पर 22,500 नाविक मौजूद हैं। वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार पर इसका गंभीर असर पड़ रहा है।











