नई दिल्ली। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ,बायोफ्यूल्स अनुराग सरावगी ने स्वीकार किया है कि ईथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (E20) में पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में लगभग 30 फीसदी कम माइलेज मिलता है।
यह ईथेनॉल की रासायनिक प्रकृति के कारण होता है।उन्होंने कहा कि वास्तविक माइलेज की कमी ड्राइविंग हैबिट्स पर भी निर्भर करती है।
अनुराग सरावगी ने E20 को सकारात्मक रूप से देखने की सलाह दी क्योंकि यह पर्यावरण के लिए ज्यादा बेहतर है इसमें उच्च ऑक्टेन नंबर है और यह उत्सर्जन को काफी कम करता है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण है।
सरावगी का यह बयान उन उपभोक्ताओं की चिंताओं को सही ठहराता है जो E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद माइलेज घाटे की शिकायत कर रहे थे। गौरतलब है कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इथेनॉल के वाहनों पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव से इंकार किया है।
सरावगी के बयानों से तीन महत्वपूर्ण बातें निकलकर सामने आती हैं।
- ईथेनॉल में पेट्रोल से 30% कम एनर्जी होती है, इसलिए माइलेज कम होता है।
- नई E20-कंपैटिबल गाड़ियों में यह प्रभाव कम हो सकता है, लेकिन पुरानी गाड़ियों में ज्यादा असर पड़ सकता है।
- सरकार E20 को बढ़ावा दे रही है ताकि आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम हो और पर्यावरण संरक्षण हो।








