बीते साल के मुकाबले भाजपा को चंदे में 171 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी, बाकी पार्टियों को कितना मिला?

electoral bonds

लेंस डेस्क। सुप्रीम कोर्ट द्वारा चुनावी बॉन्ड योजना को रद्द करने के बाद राजनीतिक फंडिंग में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जिसमें ट्रस्टों की भूमिका प्रमुख बनी हुई है। यह योजना रद्द होने के बाद पहला पूरा वित्तीय वर्ष है, जिसमें भाजपा को मिलने वाले चंदे (BJP’s donations) में डेढ़ सौ फीसदी से ज्याादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

चुनावी सुधारों पर नजर रखने वाले संगठन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने FY 2024-25 में राजनीतिक दलों को मिले दान की एक रिपोर्ट जारी की है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा को इस दौरान 6,074 करोड़ रुपये का दान मिला, जो पिछले वर्ष के 2,243 करोड़ की तुलना में 171 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी है। इस उछाल के साथ सत्ताधारी पार्टी अपने प्रतिद्वंद्वियों से बहुत आगे निकल गई। उसकी घोषित राशि कांग्रेस, आप, सीपीआई(एम) और नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीईपी) जैसी चार अन्य राष्ट्रीय पार्टियों के कुल दान से लगभग दस गुना ज्यादा है।

रिपोर्ट में 20,000 रुपये या उससे अधिक के दानों का विश्लेषण किया गया, जो चुनाव आयोग को पार्टियों द्वारा दिए गए आंकड़ों पर आधारित है। यह चुनावी बॉन्ड के बाद के राजनीतिक फंडिंग का काफी स्पष्ट चित्र प्रस्तुत करता है। कुल मिलाकर राष्ट्रीय दलों ने FY25 में 11,343 दानों से 6,648.56 करोड़ रुपये घोषित किए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 161 प्रतिशत अधिक है।

कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही, लेकिन उसे भी अच्छी बढ़ोतरी मिली। पार्टी को 517.39 करोड़ रुपये मिले, जो पिछले साल से 84 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं, बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने एक बार फिर 20,000 रुपये से ऊपर का कोई दान नहीं दिखाया, यह लगभग दो दशकों से उसकी आदत रही है।

रिपोर्ट में सबसे ज्यादा चर्चा प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट की हुई है, जो देश का सबसे अमीर चुनावी ट्रस्ट माना जाता है। राष्ट्रीय दलों को मिलने वाले लगभग 90 प्रतिशत कॉर्पोरेट दान इसी एक ट्रस्ट के रास्ते गुजरते हैं। 2013-14 से यह भाजपा के प्रमुख फंडरों में शामिल रहा है।

FY 2024-25 में इस ट्रस्ट ने तीन दलों को कुल ₹2,413 करोड़ दिए। इसमें भाजपा को 2,180 करोड़ रुपये मिले जो पार्टी के कुल घोषित फंड का लगभग 36 प्रतिशत है। कांग्रेस को 216 करोड़ रुपये और आम आदमी पार्टी (AAP) को 16 करोड़ रुपये इसी ट्रस्ट से प्राप्त हुए। ट्रस्ट के बड़े योगदानकर्ताओं में आर्सेलरमित्तल निप्पॉन, डीएलएफ, मारुति सुजुकी और भारती एयरटेल जैसी कंपनियां शामिल हैं।

अन्य चुनावी ट्रस्टों ने भी मुख्य रूप से भाजपा और कांग्रेस को फंडिंग दी। प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट ने 834 करोड़, एबी जनरल इलेक्टोरल ट्रस्ट ने 621 करोड़ और न्यू डेमोक्रेटिक इलेक्टोरल ट्रस्ट ने 155 करोड़ रुपये वितरित किए।

व्यक्तिगत स्तर पर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने भाजपा को 100 करोड़ और रुंगटा संस प्राइवेट लिमिटेड ने 95 करोड़ रुपये का दान दिया।

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