रायपुर। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की छत्तीसगढ़ राज्य समिति ने हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है। संगठन ने आरोप लगाया कि गंभीर मामलों में शिकायतें और जांच रिपोर्ट सामने आने के बावजूद राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन कुलसचिव को संरक्षण दे रहे हैं।
SFI के रायपुर जिलाध्यक्ष गर्व गभने ने कहा कि पिछले तीन महीनों में कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप से जुड़े कई गंभीर मामले सामने आए हैं। इनमें फर्जी पीएचडी, कथित गलत अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति, सरकारी वाहन में तोड़फोड़ और उसके मरम्मत कार्य में वित्तीय अनियमितता, तथा एक दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी से घर का काम कराने और उसके वेतन का बड़ा हिस्सा अपने बेटे के खाते में ट्रांसफर कराने जैसे आरोप शामिल हैं।
SFI के जिलासचिव हर्ष संघानी ने कहा कि दैनिक वेतनभोगी महिला की शिकायत की जांच के लिए विश्वविद्यालय ने एक तथ्यान्वेषी समिति बनाई थी। समिति ने शिकायत को सही पाया, जिसके बाद विश्वविद्यालय ने मामला पुलिस को सौंपा।
संगठन का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में केवल हल्की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की और आरोपी को थाने से ही जमानत दे दी, जबकि शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अन्य गंभीर धाराएं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई जानी चाहिए थीं।
संगठन की उपाध्यक्ष अल्पिका कन्नौजे ने मोहन नगर थाना पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। एसएफआई का कहना है कि सरकारी वाहन से जुड़े मामले में उच्च शिक्षा विभाग की जांच समिति ने भी कुलसचिव पर लगे आरोपों को सही पाया था, लेकिन अब तक केवल कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और कोई कठोर कार्रवाई नहीं हुई।
एसएफआई ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि भूपेंद्र कुलदीप को तत्काल पद से हटाया जाए और उनके खिलाफ दर्ज मामलों में निष्पक्ष एवं सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही संगठन ने मोहन नगर थाना प्रभारी की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।






