नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रहे सैन्य संघर्ष के बीच अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर अब भारत के खुदरा ईंधन बाजार पर भी दिखने लगा है। देश की सबसे बड़ी निजी ईंधन रिटेलर नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने गुरुवार से पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी कर दी है।
कंपनी ने पेट्रोल की कीमत 5 प्रति लीटर रुपए और डीजल की कीमत 3 प्रति लीटर रुपए तक बढ़ा दी है। नई दरें तत्काल प्रभाव से देशभर में कंपनी के लगभग 7 हजार पेट्रोल पंपों पर लागू हो गई हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। हाल ही में ब्रेंट क्रूड की कीमत 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, जिससे निजी ईंधन कंपनियों की लागत काफी बढ़ गई है।
निजी पेट्रोलियम कंपनियों को सरकारी कंपनियों की तरह नुकसान की भरपाई के लिए कोई सरकारी सहायता नहीं मिलती। ऐसे में आयात लागत बढ़ने के कारण रूस की रोसनेफ्ट समर्थित नायरा एनर्जी को कीमतों में बढ़ोतरी करनी पड़ी।
हालांकि रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीपी की संयुक्त कंपनी जियो-बीपी ने फिलहाल अपनी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है, जबकि बाजार सूत्रों का कहना है कि उन्हें खुदरा बिक्री पर नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इससे पहले इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम जैसी सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने 20 मार्च को प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में करीब 2.09 रुपए से 2.35 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। हालांकि सामान्य पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों को फिलहाल स्थिर रखा गया है।
निजी और सरकारी पेट्रोल पंपों के दामों में अंतर बढ़ने से कुछ शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं। हैदराबाद समेत कई जगहों पर लोगों ने सोशल मीडिया पर “नो स्टॉक” की खबरें देखकर जल्दबाजी में ईंधन भरवाया।
तेल कंपनियों ने लोगों से अपील की है कि पेट्रोल और डीज़ल की पर्याप्त उपलब्धता है और अफवाहों पर ध्यान न दें।
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