लेंस न्यूज़। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को दिल्ली के 10 जनपथ पर जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उनके साथ मुंबई की प्रदर्शनकारी रिया अहीर और अन्य छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं। राहुल गांधी ने 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर गृह मंत्रालय को जिम्मेदार ठहराया।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने कहा कि 20 जुलाई को कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठी और पैलेट गन से हमला किया गया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बात की, जिन्होंने बताया कि उनके साथ मारपीट की गई, धमकाया गया और दबाव बनाया गया। राहुल ने कहा, ‘मुझे इन युवाओं और देशभर के हजारों युवाओं पर गर्व है। उन्होंने संविधान, भारत के विचार और देश के भविष्य की रक्षा की है। प्रदर्शनकारियों ने कुछ भी गलत नहीं किया। इन्हें माफी मांगने की जरूरत नहीं है।’
उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के घर गुंडे भेजे गए और 15 साल की एक लड़की से जबरन माफी मंगवाई गई। राहुल ने कहा कि यह पूरी तरह गलत है। वे ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहते हैं जहां परीक्षा पेपर लीक रुकें और युवाओं का भविष्य सुरक्षित रहे।
प्रदर्शनकारियों के बयान
एक छात्रा ने बताया, ‘भारत माता की जय बोलने पर हमें देशद्रोही कहा गया। हम शांति से चल रहे थे, तब भी एक पुलिस अधिकारी ने शरीर के ऊपरी हिस्से पर मारा।’ मुंबई की प्रदर्शनकारी रिया अहीर ने कहा कि उन्होंने 20 बच्चों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिए जाने से रोका था। इसके बाद उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर उनके बारे में गलत बातें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने 27 जुलाई को इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अभी तक FIR की कॉपी नहीं मिली।
राहुल गांधी ने कहा कि ये बच्चे बहुत हिम्मती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से मीडिया के सामने आने की बात कही। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल ने युवाओं को बधाई दी और कहा कि उन्होंने किसी के खिलाफ हिंसा नहीं की।








