वाराणसी। साल 2014 में भाजपा नेताओं ने भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के परिवार से नरेंद्र मोदी (Modi) के नामांकन में प्रस्तावक बनने का आग्रह किया था, लेकिन परिवार ने राजनीति से दूर रहने की बात कहकर इनकार कर दिया था। अब वाराणसी के सराय हड़हा स्थित उनके पुश्तैनी मकान का एक हिस्सा तोड़े जाने पर विवाद खड़ा हो गया है।
अखिलेश यादव ने भाजपा को घेरा
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 7 नवंबर को वीडियो साझा करते हुए लिखा, “जिनके लिए शहनाई नहीं बजी, उनसे और क्या उम्मीद करना?” उन्होंने भाजपा पर कलाकारों की विरासत की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
परिवार बोला- अपनी मर्जी से बनवा रहे मकान
उस्ताद के पौत्र मोहम्मद सिब्तैन ने बताया कि तीन मंजिला मकान जर्जर हो चुका था। इसलिए परिवार ने इसे दोबारा बनवाने का फैसला लिया है। नए भवन में बिस्मिल्लाह खान की शहनाई और पुरस्कारों के लिए संग्रहालय बनाया जाएगा। वाराणसी नगर निगम ने भी मकान तोड़ने में अपनी भूमिका से इनकार किया है। हालांकि, इस विवाद ने ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण पर सवाल खड़े कर दिए हैं।











