नई दिल्ली। भारत में गुरुद्वारों पर हमलों का आरोप लगाते हुए अमेरिकी (American)अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (यूएससीआईआरएफ) के दो आयुक्तों ने अमेरिकी सरकार से भारत पर दबाव बढ़ाने की मांग की है। एक आयुक्त ने तो भारत को मिलने वाली अमेरिकी सुरक्षा सहायता को धार्मिक स्थलों पर हमलों के खिलाफ भारत की कार्रवाई से जोड़ने की पैरवी की है। आयोग के बयानों के बाद मीडिया रिपोर्टों में पंजाब के लुधियाना जिले के जगराओं इलाके में अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में गुरुद्वारों के बाहर हुई फायरिंग की दो घटनाओं का उल्लेख किया गया है। हालांकि, पुलिस की शुरुआती जांच में इन घटनाओं के पीछे धार्मिक हिंसा के बजाय निजी विवाद, पुलिस सुरक्षा हासिल करने की कोशिश और ब्लैकमेलिंग के कारण सामने आए हैं।
आयोग के आयुक्त डेविड एंडरसन ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर दावा किया कि पिछले कई हफ्तों से भारत में सिख गुरुद्वारों को निशाना बनाया जा रहा है और धार्मिक नेताओं को नुकसान पहुंचाने की कोशिशें हुई हैं। हालांकि, उन्होंने किसी घटना, स्थान या हमलावर का नाम नहीं बताया। दूसरे आयुक्त जो ग्रोगन ने गुरुद्वारों के साथ चर्च और मस्जिदों पर हमलों का भी उल्लेख करते हुए अमेरिकी सरकार से भारत पर दबाव बनाए रखने की मांग की।
जगराओं में दो घटनाएं, पुलिस जांच में अलग-अलग कारण सामने आए
पहली घटना 26-27 अक्टूबर की रात गागरा गांव स्थित गुरुद्वारा गोपालसर साहिब में हुई। एक नकाबपोश ने गुरुद्वारे के गेट पर दो गोलियां चलाईं और डेरे के प्रमुख बाबा अमरजीत सिंह को धमकी देने वाली चिट्ठी फेंककर फरार हो गया। चिट्ठी में अकाली दल के एक कार्यकर्ता का नाम भी था।
‘द ट्रिब्यून’ के मुताबिक, पुलिस ने 48 घंटे के भीतर मोगा जिले के कारियाल गांव के संदीप सिंह उर्फ सोनी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में संदीप ने फायरिंग करने की बात स्वीकार की और बताया कि उसने बाबा अमरजीत सिंह के कहने पर ऐसा किया था। आरोपी के मुताबिक, बाबा पुलिस सुरक्षा यानी गनमैन हासिल करना चाहते थे। यह आरोपी का बयान है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। घटना के बाद बाबा अमरजीत सिंह ने इसे पूरी सिख संगत पर हमला बताया था।
दूसरी घटना 28 अक्टूबर की तड़के राजोआणा कलां गांव स्थित गुरुद्वारा मंजी साहिब में हुई। दो नकाबपोशों ने मुख्य सेवादार के कमरे की ओर गोलियां चलाईं। ‘द ट्रिब्यून’ के मुताबिक, पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस ने मुख्य शूटर राज सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस की शुरुआती जांच में सेवादार को ब्लैकमेल करने के लिए धमकियां देने का मामला सामने आया। पुलिस का कहना है कि शूटरों को किसी अन्य व्यक्ति ने भेजा था और उसकी तलाश जारी है।
इस मामले में गिरफ्तार राज सिंह की बाद में पुलिस हिरासत में मौत हो गई। पुलिस ने दिल का दौरा पड़ने की आशंका जताई, जबकि उसके भतीजे का दावा है कि राज सिंह गिरफ्तारी के समय पूरी तरह स्वस्थ था। परिवार ने मौत की जांच की मांग की है।
इन दोनों घटनाओं के पीछे किसी विजिलांटे समूह या धार्मिक आधार पर सक्रिय संगठन का हाथ होने की अब तक कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है। एंडरसन की मूल पोस्ट में भी इन घटनाओं का उल्लेख नहीं था। हालांकि, आयोग के बयान के बाद प्रकाशित कुछ मीडिया रिपोर्टों में इन्हीं घटनाओं को गुरुद्वारों पर हमलों के आरोपों के संदर्भ में शामिल किया गया है। इन दो मामलों से अलग पंजाब या देश के अन्य हिस्सों में गुरुद्वारों पर किसी ताजा हमले की सूचना सामने नहीं आई है।
भारत को विशेष चिंता वाला देश घोषित करने की पुरानी मांग
1998 में अमेरिकी कानून के तहत गठित यूएससीआईआरएफ राष्ट्रपति, विदेश मंत्री और अमेरिकी कांग्रेस को धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दों पर सलाह देता है। इसकी सिफारिशें अमेरिकी विदेश विभाग के लिए बाध्यकारी नहीं हैं।
आयोग ने 2020 में पहली बार भारत को ‘विशेष चिंता वाला देश’ घोषित करने की सिफारिश की थी। इसके बाद 2022, 2023, 2024 और 2025 की रिपोर्टों में भी यह मांग दोहराई गई। 2023 से आयोग भारतीय अधिकारियों और एजेंसियों पर लक्षित प्रतिबंध लगाने की मांग भी करता रहा है।
इस साल चार मार्च को जारी रिपोर्ट में आयोग ने भारत को इस सूची में शामिल करने के साथ रॉ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) जैसी संस्थाओं पर लक्षित प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की। भारत के विदेश मंत्रालय ने 16 मार्च को रिपोर्ट को ‘प्रेरित और पक्षपातपूर्ण’ बताते हुए खारिज कर दिया था। मंत्रालय ने आयोग को अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर हमलों और प्रवासी भारतीयों के उत्पीड़न पर ध्यान देने की सलाह भी दी थी।
मई में आयोग ने भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति पर सुनवाई की, जिसमें धर्मांतरण विरोधी कानूनों और भीड़ की हिंसा पर चर्चा हुई। इसके बावजूद अमेरिकी विदेश विभाग ने भारत को अब तक विशेष चिंता वाले देशों की सूची में शामिल नहीं किया है। ताजा बयान पर विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।











