नई दिल्ली। दिवाली से एक दिन पहले दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 581 पहुंच गया है। स्विस संस्था IQAir की शनिवार सुबह 10:35 बजे की लाइव रैंकिंग में दिल्ली दुनिया के सबसे प्रदूषित प्रमुख शहरों में पहले स्थान पर रही। पाकिस्तान के लाहौर में AQI 285 दर्ज किया गया। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, सुबह 10 बजे दिल्ली का AQI 363 रहा। दोनों संस्थाओं के आंकड़े अलग-अलग पैमानों पर आधारित हैं।
शुक्रवार को राजधानी का 24 घंटे का औसत AQI 382 दर्ज हुआ, जो पिछले आठ वर्षों में दिवाली से पहले का सबसे खराब स्तर बताया जा रहा है। शनिवार को IIT दिल्ली में AQI 440, पंजाबी बाग में 433, विवेक विहार में 425, जहांगीरपुरी और मुंडका में 421 तथा रोहिणी में 418 दर्ज किया गया। इन इलाकों की हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई है।
पुराने वाहनों और निर्माण कार्यों पर रोक
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-NCR में GRAP का तीसरा चरण लागू कर दिया है। इसके तहत BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार पहिया वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया है। गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ के काम भी बंद रहेंगे। पांचवीं तक के स्कूलों में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
दिवाली पर और बिगड़ सकते हैं हालात
वाहनों का धुआं, सड़कों की धूल और पराली जलाने से निकलने वाला धुआं प्रदूषण की प्रमुख वजहों में शामिल हैं। ठंड बढ़ने और हवा की रफ्तार कम होने से प्रदूषक कण वातावरण में जमा हो रहे हैं। रविवार को दिवाली पर पटाखों के इस्तेमाल से स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।
हवा में मौजूद PM2.5 जैसे महीन कण सांस और फेफड़ों से जुड़ी परेशानियां बढ़ा सकते हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को अधिक खतरा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और जरूरत पड़ने पर N95 मास्क इस्तेमाल करने की सलाह दी है।











