Bhiwadi Fire: राजस्थान के औद्योगिक शहर भिवाड़ी में सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। खुशखेड़ा-करौली इंडस्ट्रियल एरिया में एक केमिकल और पटाखा बनाने वाली फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने कम से कम 8 मजदूरों की जान ले ली। आग इतनी तेज थी कि कई मजदूरों के शव बुरी तरह जलकर कंकाल बन गए और उनके शरीर के टुकड़े इधर-उधर बिखर गए।
यह दर्दनाक घटना सोमवार 16 फरवरी की सुबह करीब 9:30 बजे प्लॉट नंबर G1/118B पर हुई। फैक्ट्री में उस समय 20 से 25 मजदूर काम कर रहे थे। अचानक धमाका हुआ और आग भड़क उठी। फैक्ट्री में केमिकल और पटाखे बनाने का सामान भारी मात्रा में रखा था जिससे लपटें बहुत तेजी से फैल गईं।
पुलिस गश्ती टीम ने धुआं देखकर तुरंत अलर्ट किया। खुशखेड़ा और भिवाड़ी रीको फायर स्टेशन से कई दमकल गाड़ियां पहुंचीं। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। रेस्क्यू टीम जब फैक्ट्री के अंदर गई तो मंजर देखकर सब स्तब्ध रह गए। मजदूरों के शव इतने जल चुके थे कि पहचान मुश्किल हो गई। कई जगह सिर्फ कंकाल बचे थे। शरीर के टुकड़े बिखरे पड़े थे।
टीम ने इन अवशेषों को पॉलीथीन की थैलियों में समेटकर स्ट्रेचर पर बाहर निकाला और मुर्दाघर पहुंचाया। मृतकों में से कुछ बिहार के मोतिहारी जिले के बताए जा रहे हैं। प्रशासन उनके नाम और परिवार की जानकारी जुटा रहा है। दो मजदूर गंभीर रूप से झुलसे हैं जिन्हें दिल्ली एम्स रेफर किया गया है। एक मजदूर के अभी भी फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि फैक्ट्री मालिक राजेंद्र है। यहां केमिकल के साथ-साथ अवैध रूप से पटाखे भी बनाए जा रहे थे। मौके से बारूद और पटाखों के डिब्बे मिले हैं। कलेक्टर अर्तिका शुक्ला ने कहा कि आग छोटे एक्सप्लोसिव मटेरियल से लगी लगती है, गैस रिसाव नहीं था।फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और सैंपल लिए जा रहे हैं। प्रशासन ने न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि सुरक्षा नियमों में हुई चूक का पता चले।
हादसे के बाद भिवाड़ी एडीएम सुमित्रा मिश्रा, एएसपी अतुल साहू, तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह समेत कई बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिजनों का गुस्सा देखकर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। कलेक्टर अर्तिका शुक्ला भी दोपहर में मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया।यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की कमी और लापरवाही पर सवाल खड़े करता है। मजदूरों के परिवारों के लिए यह बहुत बड़ा सदमा है। पुलिस और प्रशासन जांच जारी रखे हुए हैं।










