लेंस डेस्क। न्यायमूर्ति टी.एस. शिवगणनम (Justice TS Sivagnanam) ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया से जुड़े अपीलीय ट्रिब्यूनल से इस्तीफा दे दिया है। यह ट्रिब्यूनल उन लोगों की अपीलों की सुनवाई कर रहा था, जिनके नाम पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले मतदाता सूची से हटाए गए थे।
चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद 19 न्यायाधीशों को अपीलीय ट्रिब्यूनल के रूप में नियुक्त किया था। इनमें कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम भी शामिल थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए पद छोड़ दिया।
SIR प्रक्रिया के दौरान 90 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम चुनावी सूची से हटाए गए थे। इनमें से करीब 27 लाख लोगों ने अपने नाम हटाए जाने के खिलाफ अपील दायर की थी।
अपील करने वालों में पूर्व कलकत्ता हाई कोर्ट जज जस्टिस शहीदुल्लाह मुंशी और उनका परिवार भी शामिल था। हालांकि अपील के बाद उनके परिवार का नाम दोबारा मतदाता सूची में जोड़ दिया गया।
गौरतलब है कि लाखों अपीलों के बावजूद विधानसभा चुनाव 2026 से पहले केवल 136 मतदाताओं के नाम ही अपीलीय प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची में दोबारा जोड़े जा सके। इस पूरे मामले ने SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची संशोधन को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
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