असम में पत्रकार पर भीड़ का हमला

attack on journalist

नेशनल ब्यूरो। गुवाहाटी

असम के धेमाजी जिले में पंचायत चुनाव से संबंधित घटनाक्रम को कवर कर रहे एक पत्रकार ( attack on journalist ) पर शुक्रवार को कथित तौर पर भीड़ ने हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। असमिया न्यूज़ चैनल के लिए काम करने वाले पत्रकार मधुरज्य सैकिया पर डिमो पाथर में चुनाव की रिपोर्टिंग के दौरान लाठी-डंडों से लैस 25 से ज़्यादा लोगों ने हमला कर दिया। सैकिया ने पुलिस में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया है कि हमले के पीछे एक स्थानीय संगठन के नेता हैं। अंतरराष्ट्रीय संगठन सेंटर फॉर प्रोटेक्शन ऑफ जर्नलिस्ट्स ने इस घटना पर अपना विरोध जताया है।

एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि अपराधियों की पहचान करना और उन्हें गिरफ्तार करना पुलिस का काम है। पत्रकारों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए उन्होंने मीडिया बिरादरी में एकता की कमी की बात कही। एक अन्य हालिया हमले का हवाला देते हुए सरमा ने 29 जून की घटना का जिक्र किया, जब स्थानीय टीवी पत्रकार बिमलज्योति नाथ और उनके सहयोगी पर ढेकियाजुली में हमला किया गया था, जब वे कथित अवैध खनन गतिविधियों की कवरेज से लौट रहे थे। सरमा ने बक्सा में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, “आप सभी में कोई एकता नहीं है। आप हमारे जैसे हो गए हैं – भाजपा, कांग्रेस, एजीपी और यूपीपीएल। वास्तव में, हमारे बीच ज़्यादा एकता है।”

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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