पेपर लीक और सीबीएसई घोटाले से देश भर में मचे हाहाकार के बीच शिक्षा मंत्रालय के 200 अधिकारी चार्टर्ड प्लेन से फ्रांस टूर पर

France Tour

नई दिल्ली। यह खबर हैरान करती है मगर सच है कि जिस वक्त देश के शिक्षा मंत्रालय को NEET और अन्य परीक्षाओं के सिस्टम के फेल्योर पर आत्ममंथन करते हुए नियम कायदों पर बहस करनी चाहिए, उस वक्त मंत्रालय के अधिकारी गर्मी से निजात पाने के लिए फ्रांस विदेश यात्रा (France Tour) पर जा रहे हैं।

यह यात्रा तब हो रही है जब महीनेभर पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपील की थी कि विदेश यात्रा न करें। पहले जज बैडमिंटन खेलने विदेश गए और अब उस शिक्षा मंत्रालय के अफसर विदेश जा रहे हैं जिस मंत्रालय के अंतर्गत आनी वाली एजेंसियों पर नीट पेपर लीक और सीबीएसई परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं।

अधिकारी फ्रांस का टूर चार्टर्ड प्लेन से करेंगे जो चेन्नई से फ्रांस जाएगी। यह टूर  जिसे ‘भारत इनोवेट्स’ का नाम दिया गया है, देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान समेत पीएमओ तक के संज्ञान में हैं।

यह बेशर्मी का चरम है। एक तरफ NEET 26 का पेपर लीक होने के बाद देश के अलग अलग राज्यों में पांच छात्रों ने सुसाइड कर लिया है। 22 लाख बच्चों को फिर से परीक्षा देनी पड़ रही है।

दूसरी तरफ सीबीएसई के ऑनलाइन मार्किंग सिस्टम में भारी गड़बड़ियां सामने आने के बाद चेयरमैन CBSE और हायर एजुकेशन मिनिस्ट्री के सचिव का तबादला हो गया है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेने को सरकार तैयार नहीं है। देश भर में विपक्ष आंदोलनरत है, तो कॉकरोच जनता पार्टी के नाम से नई पार्टी अस्तित्व में आ गई है। मगर इन सबके बीच  शिक्षा मंत्रालय के 200 अधिकारी लाज शर्म ताक पर रखकर फ्रांस के सुप्रसिद्ध शहर नीस चार्टर्ड प्लेन से टूर पर जा रहे हैं।

इन्वेस्टर्स से करेंगे मुलाकात

द लेंस को मिली जानकारी के अनुसार कथित तौर पर वैश्विक निवेशकों तक अपनी पहुंच बनाने के प्रयासों के तहत, शिक्षा मंत्रालय ने फ्रांस के सबसे मांगे शहर में यह टूर आयोजित किया है।

14 से 16 जून तक नीस के भारत इनोवेटिव के नाम से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम  का उद्देश्य भारत के डीप-टेक स्टार्टअप्स और उच्च शिक्षा नवाचार के इकोसिस्टम  को दुनिया भर के निवेशकों, कॉरपोरेट्स, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों से जोड़ना है।

क्या कहा शिक्षा मंत्रालय ने?

शिक्षा मंत्रालय ने इस अवसर पर किए गए अपने ट्वीट में कहा है, ‘फ्रांस के नीस शहर में आयोजित होने वाले भारत इनोवेट्स के लिए उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। अभूतपूर्व विचारों से लेकर क्रांतिकारी तकनीकों तक, भारत का नवाचार तंत्र वैश्विक मंच पर अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार है। आइए हमारे साथ नवाचार, सहयोग और विकसित भारत के दृष्टिकोण का जश्न मनाएं।’

सीबीएसई  ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम में आई भारी तकनीकी गड़बड़ी और कथित ‘मार्क्स घोटाले’ को लेकर सुर्खियों में है जिसे विपक्ष और छात्रों द्वारा एक बड़ा मूल्यांकन फर्जीवाड़ा  बताया जा रहा है। 13 मई 2026 को कक्षा 12वीं के नतीजे घोषित होने के बाद यह मामला देशव्यापी विवाद बन गया है।

सीबीएसई ने इस बार कॉपियों के डिजिटल मूल्यांकन के लिए नया ओएसएम सिस्टम लागू किया था। आरोप है कि बिना किसी व्यापक पायलट टेस्टिंग या शिक्षकों की पर्याप्त ट्रेनिंग के इसे जल्दबाजी में लागू किया गया, जिससे कॉपियों की स्कैनिंग और चेकिंग में भारी गलतियां हुईं।

निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने का आरोप

विपक्ष  का आरोप है कि कॉपियों की स्कैनिंग के टेंडर नियमों में बदलाव कर एक निजी कंपनी Coempt Eduteck को फायदा पहुंचाया गया। कांग्रेस ने दावा किया कि लगभग 20 लाख छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं पब्लिक डोमेन में लीक हो गईं, जिससे छात्रों की गोपनीयता और सुरक्षा खतरे में आ गई।

री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) के लिए आवेदन करने वाले हजारों छात्रों ने शिकायत की है कि उन्हें दिखाई गई स्कैन कॉपियों में उनकी हैंडराइटिंग मैच नहीं हो रही है, कई पन्ने गायब या धुंधले  हैं, डायग्राम चेक नहीं किए गए हैं और एक छात्र की उत्तर पुस्तिका में दूसरे छात्र के पन्ने जुड़े हुए हैं।

कई होनहार छात्र जिन्होंने JEE Main जैसी परीक्षाएं पास कीं बोर्ड परीक्षा में फेल या बेहद कम नंबर पाकर रह गए।

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