नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को अपना उम्मीदवार बनाया है। दोनों उम्मीदवार समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav)की मौजूदगी में सुबह 11 बजे अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
कौन हैं धनराज परिमल नाथवानी?
उत्तर प्रदेश में हो रहे राज्यसभा चुनावों के लिए समाजवादी पार्टी (SP) ने धनराज परिमल नाथवानी को अपना आधिकारिक प्रत्याशी बनाया है। धनराज परिमल नाथवानी भारत के एक प्रमुख कॉरपोरेट लीडर और खेल प्रशासक हैं। वह वर्तमान में रिलायंस इंडस्ट्रीज में ग्रुप प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत हैं और अंबानी परिवार के बेहद करीबी माने जाते हैं। उनके पिता परिमल नाथवानी भी देश के जाने-माने उद्योगपति और राज्यसभा सांसद हैं।
उन्होंने लंदन के रीजेंट बिजनेस स्कूल से इंटरनेशनल बिजनेस में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। उन्हें पर्यावरण, वन्यजीव संरक्षण और फोटोग्राफी का गहरा शौक है और वे गुजरात के वन्यजीवों (विशेषकर गिर के शेरों) के संरक्षण से जुड़े अभियानों में भी सक्रिय रहते हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के ग्रुप प्रेसिडेंट हैं नाथवानी
धनराज रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में ग्रुप प्रेसिडेंट के रूप में कंपनी के महत्वपूर्ण गैर-तकनीकी विभागों (जैसे कॉर्पोरेट अफेयर्स, फाइनेंस, एचआर और सीएसआर) की जिम्मेदारी संभालते हैं। वे रिलायंस के गुजरात स्थित जामनगर और वडोदरा मैन्युफैक्चरिंग प्रभागों के संचालन की देखरेख करते हैं। इसके अलावा वे रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड सहित रिलायंस समूह की कई अन्य महत्वपूर्ण कंपनियों में निदेशक के पद पर हैं।
खेल प्रशासक भी हैं नाथवानी
वह गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (GCA) के अध्यक्ष हैं। साल 2022 में देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बाद उन्हें सर्वसम्मति से इस पद के लिए चुना गया था। वे गुजरात राज्य फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में भी खेल गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं। वह प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर प्रशासनिक समिति के उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण की जीवन यात्रा पर आधारित प्रसिद्ध मेगा-म्यूजिकल शो ‘राजाधिराज: लव. लाइफ. लीला’ का निर्माण भी किया है।
16 अक्टूबर को होना है चुनाव
उत्तर प्रदेश में 16 अक्टूबर को राज्यसभा चुनाव होने हैं। उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के 10 सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म हो रहा है। इनमें से आठ सीटें अभी भाजपा के पास हैं, जबकि समाजवादी पार्टी और बसपा के पास एक-एक सीट है। संख्या बल के हिसाब से आठ सीटें भाजपा और दो सीटें सपा के खाते में जा सकती हैं।









