बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट (Balaghat) में बैगा आदिवासी बच्चों की मौत का मामला अब सियासी मुद्दा बनता जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 1 अक्टूबर को बालाघाट पहुंचेंगे। वे बिरसा और बैहर क्षेत्र के प्रभावित गांवों का दौरा कर मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात करेंगे। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, राहुल गांधी परिवारों से बच्चों की बीमारी, इलाज और इलाके की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सीधे बातचीत करेंगे। प्रभावित गांवों में उनका करीब दो से तीन घंटे रहने का कार्यक्रम बताया गया है।
द लेंस की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आई जमीनी हकीकत
बालाघाट के बिरसा ब्लॉक के सुदूर जंगलों में द लेंस की टीम ने ग्राउंड रिपोर्टिंग की। टीम बोंदारी, सोनगुड्डा, कुंडेकसा, कोरका, मातला और मच्छुरदा जैसे गांवों तक पहुंची और ग्रामीणों, प्रभावित परिवारों, स्वास्थ्यकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत की। सरकारी आंकड़ों में पिछले चार महीनों में 32 से अधिक बच्चों की मौत सामने आई है। हमारी पड़ताल में मलेरिया, खसरा, कुपोषण, एनीमिया और डिहाइड्रेशन जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के साथ साफ पानी, अस्पतालों तक पहुंच और पोषण की कमी भी सामने आई। कई गांवों में नल-जल योजना के बावजूद नियमित पानी नहीं मिल रहा है और ग्रामीण स्थानीय जलस्रोतों पर निर्भर हैं। सड़क, स्कूल और वन अधिकार जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी ग्रामीणों ने अपनी परेशानियां बताईं। प्रभावित क्षेत्र में बच्चों की मौत के कारणों को लेकर जांच और सरकारी आकलन जारी हैं।
राहुल गांधी पहले भी उठा चुके हैं सवाल
राहुल गांधी पहले भी बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत, कुपोषण, साफ पानी और समय पर इलाज की कमी को लेकर चिंता जता चुके हैं। उन्होंने राज्य सरकार से मामले में तत्काल जांच और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की थी।
अब 1 अक्टूबर के दौरे में राहुल गांधी प्रभावित परिवारों से सीधे बात कर पूरे मामले की जानकारी लेंगे। इस दौरान आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं, कुपोषण, पेयजल और सरकारी योजनाओं की पहुंच से जुड़े मुद्दे उठने की संभावना है। उनके दौरे के बाद इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश में राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है।










