दिल्ली में वायु प्रदूषणः जवाबदेही तय हो

December 16, 2025 10:23 PM
Air pollution in Delhi

दिल्ली में कल महानतम फुटबॉल खिलाड़ियों में शुमार लियोनेल मैसी के प्रदर्शन मैच के दौरान स्टेडियम से जिस तरह से दर्शकों ने वायु प्रदूषण को लेकर नारे लगाए गए हैं, वह देश की राजधानी और उसके आसपास के बिगड़ते हालात को समझने के लिए काफी है।

सर्दियों के मौसम में दिल्ली-एनसीआर में वायु की गुणवत्ता का खराब होना आम है और इस पर हम यहां कई बार चिंता भी जता चुके हैं। लेकिन बीते कुछ दिनों से वहां के हालात जिस तरह बिगड़े हैं और राज्य सरकार तथा अन्य जिम्मेदार लोगों का रवैया जिस तरह से सामने आया है, वह शर्मनाक है।

मैसी की मौजूदगी में जब दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता वहां पहंची तो स्टेडियम से एक्यूआई एक्यूआई के जिस तरह से लोगों ने स्वस्फूर्त होकर नारे लगाए वह हमारे हुक्मरानों के लिए शर्म का कारण होना चाहिए! समझना मुश्किल नहीं है कि दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले तीन से चार करोड़ों लोगों का सांस लेना कितना मुश्किल होता जा रहा है, स्टेडियम में फूटा गुस्सा इसी का नतीजा है।

हालत यह है कि बीते तीन चार दिनों से दिल्ली-एनसीआर में वायु की गुणवत्ता बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है और वहां 500 के आसपास एक्यूआई दर्ज किया जा रहा है। इसकी वजह से वहां ग्रैप-4 (ग्रेडेड रिस्पॉन्स ऐक्शन प्लान-4) भी लागू कर दिया गया है, लेकिन ऐसी कवायदें तो हर साल होती हैं।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कहती हैं कि यह समस्या 27 साल पुरानी है और इसे सुधारने में कम से कम 27 महीने तो लगेंगे! यह बेहद गैरजिम्मेदाराना बयान है और अपनी इसमें अंतर्निहित राजनीति को समझा जा सकता है।

दिल्ली में एक्यूआई की बदतर स्थिति से निपटने के लिए तदर्थ तरीके से ही काम किया गया है, नतीजतन आज यह शहर दुनिया के सबसे प्रदूषित शहर के रूप में बदनाम है। वास्तव में दुनिया के शीर्ष सौ प्रदूषित शहरों में अधिकांश भारत के हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि वायु की गुणवत्ता सुधारने के लिए दीर्घकालीन रणनीति पर काम किया जाए और इसके लिए सबसे जरूरी है कि जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

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