लेंस डेस्क। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान मंगलवार देर रात न्यूयॉर्क पहुंच गए। वे 23 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण देंगे। जिस अमेरिका से ईरान की तनातनी चल रही है, उसी ने पेजेशकियान और विदेश मंत्री अब्बास अरागची को संयुक्त राष्ट्र की बैठक में शामिल होने की अनुमति दी है।
पेजेशकियान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक ही शहर में होंगे, लेकिन फिलहाल दोनों की कोई मुलाकात तय नहीं है। ट्रंप ने ईरानी राष्ट्रपति से मिलने की इच्छा जरूर जताई है, लेकिन ईरानी पक्ष ने साफ कहा है कि कोई बैठक तय नहीं हुई है।
भाषण में किन बातों पर रहेगी नजर?
ईरानी राष्ट्रपतियों के संयुक्त राष्ट्र भाषण पहले भी विवादों में रहे हैं। कभी अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल सदन से बाहर चला गया, कभी प्रदर्शनकारी मंच तक पहुंच गए और कभी कई देशों के प्रतिनिधियों ने एक साथ वॉकआउट किया।
पेजेशकियान के भाषण में इन चार बातों पर खास नजर रहेगी
अमेरिका के साथ तनाव पर क्या कहेंगे?
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और ईरान पर दबाव को वे किस अंदाज में पेश करते हैं, यह महत्वपूर्ण होगा। खासकर युद्ध रोकने के लिए ईरान की क्या शर्तें हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर क्या संदेश देंगे?
ईरान पहले कह चुका है कि अमेरिकी दबाव और बंदरगाहों की नाकाबंदी कम होने पर वह 7 दिन में होर्मुज स्ट्रेट खोल सकता है। भाषण में इस मुद्दे पर कोई नया संकेत अहम होगा। बैठक तय नहीं है, इसलिए भाषण में सीधे या परोक्ष रूप से ट्रंप और अमेरिकी प्रशासन को क्या कहा जाता है, इस पर ध्यान रहेगा।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल के पास अमेरिका के साथ कूटनीति फिर शुरू करने का अधिकार है। भाषण से यह संकेत मिल सकता है कि ईरान आगे की बातचीत के लिए किन शर्तों पर तैयार है।
क्यों नहीं हो सकती गिरफ्तारी?
ईरानी राष्ट्रपति न्यूयॉर्क में आसानी से गिरफ्तार नहीं हो सकते। इसकी दो बड़ी वजहें हैं:
राष्ट्रपति को खास कानूनी सुरक्षा मिलती है। अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत मौजूदा राष्ट्राध्यक्षों को दूसरे देश में सीधे गिरफ्तार करना आसान नहीं होता। इसका मकसद यह है कि कोई देश अपनी मर्जी से दूसरे देश के राष्ट्रपति को हिरासत में न ले सके।
संयुक्त राष्ट्र की मेजबानी की जिम्मेदारी अमेरिका की है। UN मुख्यालय न्यूयॉर्क में है, इसलिए बैठकों में हिस्सा लेने वाले विदेशी प्रतिनिधियों को आने की अनुमति देना अमेरिका की जिम्मेदारी है। हालांकि UN के बाहर उनकी आवाजाही सीमित की जा सकती है। इसी वजह से पेजेशकियान और अरागची को अनुमति मिली है, लेकिन प्रतिनिधिमंडल छोटा रखा गया है और उनकी आवाजाही भी सीमित रहेगी।
आवाजाही और खरीदारी पर पाबंदियां
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार ईरानी अधिकारी न्यूयॉर्क में सिर्फ तय जगहों पर ही जा सकेंगे। आमतौर पर उन्हें संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, ईरान के UN मिशन और कुछ तय इलाकों के बीच आने-जाने की अनुमति होती है। लग्जरी सामान खरीदने पर भी रोक रहेगी। अमेरिका पहले भी ईरानी अधिकारियों पर ऐसी पाबंदियां लगा चुका है।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बावजूद यह यात्रा कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पेजेशकियान का भाषण दोनों देशों के भविष्य के रिश्तों की दिशा तय करने में भूमिका निभा सकता है।










