लेंस डेस्क | दिल्ली में आज विपक्षी दलों का बड़ा कार्यक्रम होने जा रहा है। INDIA गठबंधन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर ‘सड़क पर संसद’ का आयोजन करेगा। इस कार्यक्रम में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन महाभियोग लाया जाएगा।
शुक्रवार को खड़गे के घर पर विपक्षी नेताओं की बैठक हुई थी। इसमें राहुल गांधी के साथ समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा और अन्य दलों के नेता शामिल हुए। बैठक के बाद यह कार्यक्रम तय किया गया।
जन महाभियोग का मतलब है कि जनता या राजनीतिक दल किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ अपना विरोध जताते हैं। यह कार्यक्रम पहले शुक्रवार को होना था, लेकिन बारिश के कारण स्थगित कर दिया गया था। अब यह आज होगा।
राहुल गांधी ने बताया कि रविवार को कनॉट प्लेस से रामलीला मैदान तक मार्च निकाला जाएगा। इस ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में राजनीतिक दल, छात्र संगठन और आम लोगों से शामिल होने की अपील की गई है।
विपक्षी नेताओं का बयान
समाजवादी पार्टी के नेता धर्मेंद्र यादव ने कहा कि विपक्ष की लड़ाई को अब आम लोग समझ रहे हैं और समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के एमएलसी चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा को एहसास हो गया है कि वह कितनी पीछे है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने जो सीटें जीतीं, वे जुगाड़ और बेईमानी से जीतीं। पढ़े-लिखे मतदाताओं ने समाजवादी पार्टी को मजबूती दी।
तृणमूल कांग्रेस सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ राजनीतिक दलों की नहीं, बल्कि आम लोगों की भी है। सभी मिलकर लड़ेंगे और जीतेंगे।
व्यापार संगठनों की आपत्ति
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने कांग्रेस से रैली स्थगित करने की अपील की है। संगठन ने सोनिया गांधी को पत्र लिखा है। इससे पहले राहुल गांधी को तीन बार पत्र भेजा जा चुका है। CTI का कहना है कि रैली से दिल्ली के करीब 20 बाजारों में 10 से 12 हजार करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ सकता है। भारी ट्रैफिक जाम की आशंका जताते हुए संगठन ने रैली को दिवाली के बाद कराने या बुराड़ी ग्राउंड में शिफ्ट करने की मांग की है।
सुरक्षा व्यवस्था सख्त
केंद्र सरकार ने दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 270 कंपनियों की तैनाती 16 नवंबर तक बढ़ा दी है। इन बलों की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस संभालेगी। इसमें सीआरपीएफ की 125, बीएसएफ की 46, आईटीबीपी की 39, एसएसबी की 31, आरएएफ की 20 और सीआईएसएफ की 12 कंपनियां शामिल हैं। ये बल पहले भी प्रदर्शनों के मद्देनजर तैनात किए गए थे।
पिछले प्रदर्शनों का सिलसिला
INDIA गठबंधन के नेता SIR प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अक्टूबर में कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं। 6 से 13 अक्टूबर के बीच आठ बार प्रदर्शन हुए। एक अन्य प्रदर्शन में दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी थी। उस दौरान शहर में बैरिकेडिंग की गई, 45 मेट्रो स्टेशन बंद रहे और सात हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया।
आज का कार्यक्रम और रविवार की रैली विपक्ष के इस आंदोलन का अगला कदम है। दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।











