रायपुर । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार द्वारा जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा समीक्षा किए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री का दावा है कि नक्सली समाप्त हो गए हैं, इसलिए सुरक्षा की जरूरत नहीं रही। ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की एनएसजी सुरक्षा भी हटाई जानी चाहिए या नहीं?
दीपक बैज ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि सरकार ने बस्तर समेत प्रदेश के जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा की समीक्षा की है। रमन सिंह को नक्सल प्रभावित राज्य के मुख्यमंत्री रहने के कारण एनएसजी सुरक्षा मिली हुई है और वे ब्लैक कैट कमांडो से घिरे रहते हैं। मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी उन्हें आठ साल से अधिक समय हो चुका है। यदि नक्सल समाप्त होने के कारण सभी की सुरक्षा हटाई जा रही है, तो क्या रमन सिंह की एनएसजी सुरक्षा भी हटाई जाएगी? उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में जेड श्रेणी की सुरक्षा दी जाए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि प्रदेश के अनेक नेताओं, विशेषकर बस्तर के भाजपा नेताओं को केंद्र सरकार द्वारा सीआरपीएफ की विशेष सुरक्षा दी गई है। क्या राज्य सरकार इसकी भी हटाने की अनुशंसा करेगी? सुरक्षा को लेकर कोई निर्णय लिया जा रहा है तो उसमें भेदभाव नहीं होना चाहिए।
उन्होंने सवाल किया कि सुरक्षा हटाने से पहले क्या सरकार ने इंटेलिजेंस इनपुट लिए हैं कि जिन लोगों को अब तक सुरक्षा मिली हुई है, उन्हें अब इसकी जरूरत नहीं है? बस्तर के जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा हटाने के बाद अगर कोई अनहोनी होती है तो क्या सरकार उसकी नैतिक जिम्मेदारी लेगी?









