मुंबई। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) मंगलवार, 20 अक्टूबर को तीन दिवसीय भारत दौरे पर मुंबई पहुंचे। इस दौरान वे विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेताओं के बीच व्यापार समझौते, रक्षा, ऊर्जा और तकनीकी सहयोग समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी। रुबियो 21 अक्टूबर को गुजरात के जामनगर में रिलायंस इंडस्ट्रीज की तेल रिफाइनरी का दौरा करेंगे। वहां कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी से उनकी मुलाकात होने की संभावना है। इस बार उनके कार्यक्रम में नई दिल्ली शामिल नहीं है।
जामनगर रिफाइनरी का दौरा क्यों अहम?
जामनगर में रिलायंस का दुनिया का सबसे बड़ा एकल स्थान पर स्थित तेल रिफाइनिंग परिसर है, जिसकी क्षमता प्रतिदिन करीब 14 लाख बैरल कच्चे तेल के प्रसंस्करण की है। यहां डीजल, विमान ईंधन और दूसरे पेट्रोलियम उत्पाद तैयार किए जाते हैं। रिलायंस लंबे समय से अमेरिका से एथेन का आयात कर रही है। इसके अलावा कंपनी ने वेनेजुएला से कच्चे तेल की खरीद भी बढ़ाई है। अक्टूबर में भारत का वेनेजुएला से तेल आयात करीब सात साल के उच्च स्तर पर पहुंचने का अनुमान है।
टेक्सास की रिफाइनरी परियोजना में रिलायंस की भूमिका
अमेरिका के टेक्सास में प्रस्तावित नई तेल रिफाइनरी परियोजना से भी रिलायंस का नाम जुड़ा है। मार्च 2026 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राउन्सविल में रिफाइनरी बनाने की योजना की घोषणा की थी। इसकी प्रस्तावित क्षमता प्रतिदिन करीब 1.60 लाख से 1.68 लाख बैरल है। ट्रंप ने इससे जुड़े कारोबारी समझौतों का मूल्य 300 अरब डॉलर बताया था। हालांकि, इसमें लंबे समय के तेल खरीद और बिक्री समझौते भी शामिल हैं। परियोजना में रिलायंस के वास्तविक निवेश की पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।
व्यापार समझौते पर भी बातचीत
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है। दोनों देशों के बीच आयात शुल्क, रूसी तेल की खरीद और ऊर्जा आपूर्ति जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिका भारत के साथ तेल व्यापार बढ़ाने के साथ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को भी प्रोत्साहित कर रहा है। रुबियो के दौरे में इन विषयों पर आगे की सहमति बनने की उम्मीद है।
मुंबई में कारोबारी प्रतिनिधियों से भी मिलेंगे
रुबियो मुंबई में भारतीय उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। उनके कार्यक्रम में 26/11 आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देना और अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ से जुड़े ‘फ्रीडम 250’ समारोह में शामिल होना भी प्रस्तावित है। इससे पहले वे मई 2026 में क्वाड देशों की बैठक के लिए भारत आए थे।









