नई दिल्ली। चुनाव आयोग (election Commission) ऑफ इंडिया (ईसीआई) के पोर्टल ईसीआईनेट (ECINET) में एक ऐसा फीचर पाया गया है, जो सिर्फ पश्चिम बंगाल के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ईआरओ) और असिस्टेंट ईआरओ (एईआरओ) को दो महत्वपूर्ण सुविधाओं से रोक सकता है। ये सुविधाएं अन्य राज्यों के अधिकारियों को उपलब्ध हैं।
नागरिक-तकनीकी संस्था चारचाग्राम के डेटा साइंटिस्ट सौरव राजपूत द्वारा किए गए थर्ड-पार्टी ऑडिट में यह खुलासा हुआ है। ऑडिट के अनुसार, ‘व्यू एन्यूमरेशन फॉर्म डिटेल्स’ पेज और ‘नोटिस-एंड-हियरिंग डैशबोर्ड’ तक पहुंच सिर्फ पश्चिम बंगाल के अधिकारियों के लिए प्रतिबंधित की जा सकती है। यह फीचर कम से कम 28 सितंबर से मौजूद है और पोर्टल का वर्तमान वर्जन 16 अक्टूबर को पेश किया गया था।
ऑडिट में पाया गया कि अन्य किसी राज्य के ईआरओ और एईआरओ के लिए कोड में ऐसी कोई पाबंदी नहीं है। ‘व्यू एन्यूमरेशन फॉर्म डिटेल्स’ पेज पर मतदाताओं के नाम, आईडी नंबर, अपलोड किए गए दस्तावेज और बूथ-लेवल अधिकारी की सिफारिशें दिखती हैं। वहीं नोटिस-एंड-हियरिंग डैशबोर्ड वोटर रजिस्ट्रेशन और इलेक्टोरल रोल रिवीजन से जुड़े नोटिस और सुनवाई की जानकारी ट्रैक करता है।
चुनाव आयोग ने अखबार के सवालों का जवाब नहीं दिया। ऑडिट 2, 6, 7 और 9 अक्टूबर को किया गया था। यह खुलासा उस समय सामने आया है जब वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर देशभर में चर्चा चल रही है।









