नई दिल्ली: अमेरिकन जस्टिस विभाग ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और यौन अपराधी जैफरी एपस्टीन की तस्वीर जारी कर दी है। हरदीप एपस्टीन के साथ अपने संबंधों को लेकर चर्चा में रहे हैं।
यह तस्वीर अमेरिकी जस्टिस विभाग द्वारा सार्वजनिक किए गए भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एप्स्टीन के बीच हुए ईमेल्स दोनों के बीच औपचारिक बातचीत से अधिक जान-पहचान दिखाते हैं, जो भाजपा द्वारा बताई जा रही महज़ औपचारिकता के दावे से कहीं अधिक है।महत्वपूर्ण है कि एक दिन पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस को एक रैली के दौरान एप्स्टीन फ़ाइल जारी करने को लेकर हूट किया गया था।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एप्स्टीन के बीच पूर्व में सार्वजनिक हुए ईमेल संवाद और अब यह तस्वीर भाजपा के उस दावे पर सवाल खड़े करते हैं, जिसमें कहा गया था कि एप्स्टीन के एक संदेश में पुरी का नाम आना महज़ औपचारिक ‘नेम-ड्रॉपिंग’ था। हालांकि ये संवाद व्यवसायिक नेटवर्किंग और निवेश से जुड़ी बातचीत तक सीमित हैं।
पूर्व में जारी किए गए ईमेल अमेरिकी न्याय विभाग ने 30 जनवरी को उन हजारों दस्तावेज़ों के साथ जारी किए, जो दोषी ठहराए जा चुके अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एप्स्टीन से जुड़े हैं। ये रिकॉर्ड जून 2014 से जून 2017 तक के लगभग तीन वर्षों की अवधि के हैं। दस्तावेज़ों से यह भी पता चलता है कि न्यूयॉर्क स्थित एप्स्टीन के घर में कम से कम तीन बार दोनों की मुलाकात हुई और एप्स्टीन ने पुरी को सिलिकॉन वैली के निवेशकों से जोड़ने की कोशिशें कीं।
उस समय हरदीप पुरी किसी सार्वजनिक पद पर नहीं थे। वे भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के पूर्व राजनयिक थे और सेवानिवृत्ति के बाद न्यूयॉर्क में इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट (आईपीआई) नामक थिंक-टैंक में काम कर रहे थे। पुरी 2014 में भाजपा में शामिल हुए और सितंबर 2017 में नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री बने। वर्तमान में उनके पास पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय का प्रभार है।
सार्वजनिक किए गए दस्तावेज़ों में बैठकें तय करने से जुड़े ईमेल, मुलाकातों की पुष्टि और भारत की इंटरनेट अर्थव्यवस्था में व्यावसायिक अवसरों पर विस्तृत चर्चा शामिल है। इनका संबंध एप्स्टीन की किसी आपराधिक गतिविधि से नहीं जोड़ा गया है।
हालांकि एप्स्टीन के अपराधों की पूरी जानकारी वर्ष 2018 के आसपास सामने आई थी, लेकिन उससे पहले भी वे एक दोषी और पंजीकृत यौन अपराधी थे। 2008 में उन्होंने फ्लोरिडा में एक नाबालिग से देह व्यापार के लिए संपर्क करने के आरोपों में विवादास्पद समझौते के तहत दोष स्वीकार किया था। इसके बावजूद, वह अमेरिका में अमीर और प्रभावशाली लोगों के बीच एक पावर ब्रोकर के रूप में सक्रिय रहे।
द वायर द्वारा संपर्क किए जाने पर पुरी ने एप्स्टीन से मुलाकात की बात स्वीकार की, लेकिन कहा कि ये सीमित मुलाक़ात काम से जुड़े थे। पुरी ने कहा, ‘आठ साल (न्यूयॉर्क में) में तीन मुलाकातें।’ उन्होंने यह भी कहा कि उस समय उन्हें एप्स्टीन के आपराधिक इतिहास की जानकारी नहीं थी।
एप्स्टीन ने पुरी को लिंक्डइन के सह-संस्थापक से जोड़ा
ईमेल संवाद जून 2014 में शुरू हुआ। एप्स्टीन ने पुरी को बताया कि लिंक्डइन के सह-संस्थापक रीड हॉफमैन भारत आने के लिए तैयार हैं। पुरी ने जवाब दिया कि वे मदद करने को तैयार हैं। बाद में एप्स्टीन ने हॉफमैन को पुरी से परिचय कराया और कहा कि “रीड, हरदीप इज़ योर मैन इन इंडिया।”
इसके बाद सिलिकॉन वैली में मुलाकात हुई। नवंबर 2014 में पुरी ने एक विस्तृत ईमेल भेजा जिसमें भारत की इंटरनेट अर्थव्यवस्था, डिजिटल इंडिया और निवेश के अवसरों का जिक्र था। उन्होंने लिखा कि भारत में इंटरनेट यूजर्स तेजी से बढ़ रहे हैं और 2018 तक 50 करोड़ तक पहुंच सकते हैं।
दस्तावेज़ों के अनुसार, पुरी कम से कम तीन बार एप्स्टीन के मैनहैटन स्थित टाउनहाउस में मिले (फरवरी 2015, जनवरी 2016 और मई 2017)। दिसंबर 2014 में पुरी ने एप्स्टीन को लिखा था कि वह अपने ‘एक्सॉटिक आइलैंड’ से कब लौट रहे हैं, ताकि कुछ किताबें देकर भारत में रुचि जगाई जा सके।
पुरी का कहना है कि ये सभी बातचीत भारत में निवेश और डिजिटल इंडिया/मेक इन इंडिया की पैरवी से जुड़ी थीं और उन्हें एप्स्टीन के आपराधिक अतीत की जानकारी नहीं थी।








