भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की सीनियर पुरुष चयन समिति में बदलाव की खबर सामने आई है। पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा को मुख्य चयनकर्ता यानी चीफ सिलेक्टर बनाया गया है। वहीं, पूर्व क्रिकेटर रमेश पोवार को चयन समिति में शामिल किया गया है। यह बदलाव अजीत अगरकर का कार्यकाल खत्म होने के बाद हुआ है। नई चयन समिति में प्रज्ञान ओझा के साथ शिवसुंदर दास, आरपी सिंह, अजय रात्रा और रमेश पोवार के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। इस बदलाव के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब रमेश पोवार को चयन समिति में नई जगह मिली है, तो अध्यक्ष की जिम्मेदारी प्रज्ञान ओझा को क्यों सौंपी गई? इसके पीछे चयन समिति की वरिष्ठता और खिलाड़ियों के अंतरराष्ट्रीय अनुभव को अहम वजह बताया जा रहा है।
प्रज्ञान ओझा को ही क्यों बनाया गया चीफ सिलेक्टर?
चयन समिति के अध्यक्ष के चयन में टेस्ट क्रिकेट के अनुभव को अहम माना जाता है। प्रज्ञान ओझा ने भारत के लिए 24 टेस्ट मैच खेले हैं। समिति के अन्य सदस्यों की तुलना में उनके टेस्ट मैचों की संख्या अधिक बताई गई है। इसी आधार पर उन्हें अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने की वजह समझी जा रही है।
प्रज्ञान ओझा का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर
प्रज्ञान ओझा भारत के बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज रहे हैं। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में टेस्ट, वनडे और टी-20 तीनों प्रारूपों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। ओझा ने 24 टेस्ट मैचों में 113 विकेट लिए। वनडे क्रिकेट में उनके नाम 18 मैचों में 21 विकेट हैं, जबकि 6 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उन्होंने 10 विकेट हासिल किए। टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 47 रन देकर 6 विकेट रहा।
घरेलू क्रिकेट में भी ओझा का रिकॉर्ड अच्छा रहा है। उन्होंने 108 फर्स्ट क्लास मैचों में 424 विकेट लिए। IPL में वह डेक्कन चार्जर्स और मुंबई इंडियंस की ओर से खेले। इस टूर्नामेंट में उन्होंने 92 मैचों में 89 विकेट हासिल किए। ओझा सितंबर 2025 में BCCI की पुरुष चयन समिति में शामिल हुए थे। अब उन्हें समिति की अध्यक्षता की जिम्मेदारी दी गई है।
रमेश पोवार को चयन समिति में क्यों शामिल किया गया?
रमेश पोवार भारत के पूर्व ऑफ स्पिन गेंदबाज हैं। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 2 टेस्ट और 31 वनडे मैच खेले। वह 2004 से 2007 के बीच भारतीय टीम का हिस्सा रहे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद पोवार ने कोचिंग के क्षेत्र में काम किया। वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रहे। इसके अलावा उन्होंने मुंबई और गुजरात की टीमों को भी कोचिंग दी। वह BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में गेंदबाजी कोच की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
भारतीय महिला टीम के साथ उनके कार्यकाल में टीम ने एशिया कप का खिताब जीता। इसके अलावा 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रजत पदक हासिल किया था। BCCI की आधिकारिक घोषणा के मुताबिक, क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) ने आवेदकों की स्क्रीनिंग और इंटरव्यू के बाद रमेश पोवार के नाम की सिफारिश की। इस समिति में अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे शामिल थे। समिति ने सर्वसम्मति से पोवार की नियुक्ति की सिफारिश की।
नई चयन समिति में कौन-कौन शामिल?
BCCI की घोषणा के बाद सीनियर पुरुष चयन समिति में पांच सदस्य होंगे।
-प्रज्ञान ओझा:अध्यक्ष
-शिवसुंदर दास: सदस्य
- आरपी सिंह: सदस्य
- अजय रात्रा: सदस्य
- रमेश पोवार: सदस्य
इस समिति की जिम्मेदारी भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के लिए खिलाड़ियों का चयन करना और टीम संयोजन से जुड़े फैसलों में भूमिका निभाना है।
अजीत अगरकर का कार्यकाल कैसा रहा?
अजीत अगरकर ने जुलाई 2023 में पुरुष चयन समिति के अध्यक्ष का पद संभाला था। उनके कार्यकाल में भारतीय टीम ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। BCCI के मुताबिक, इस दौरान भारत ने तीन ICC ट्रॉफी, दो एशिया कप खिताब और लगातार दो एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीते। बोर्ड ने अगरकर के योगदान की सराहना करते हुए उनके कार्यकाल के लिए आभार जताया। उनके पद छोड़ने के बाद चयन समिति में पश्चिम क्षेत्र के प्रतिनिधि की जगह खाली हुई थी, जिसे अब रमेश पोवार के जरिए भरा गया है।
क्या वरिष्ठता के आधार पर ही चुना जाता है चीफ सिलेक्टर?
इस नियुक्ति में BCCI ने स्पष्ट किया है कि चयन समिति का अध्यक्ष वरिष्ठता यानी सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेलने के आधार पर होगा। इसी वजह से 24 टेस्ट खेल चुके प्रज्ञान ओझा को समिति की अध्यक्षता सौंपी गई है। हालांकि, समिति में किसी सदस्य का शामिल होना और अध्यक्ष चुना जाना दो अलग प्रक्रियाएं हैं। रमेश पोवार को चयन समिति में शामिल करने के लिए क्रिकेट सलाहकार समिति ने चयन प्रक्रिया पूरी की, जबकि अध्यक्ष की जिम्मेदारी वरिष्ठता के आधार पर ओझा को दी गई।







