रायपुर में थाना प्रभारी से बदसलूकी के मामले में भाजपा युवा मोर्चा नेता शुभांकर द्विवेदी गिरफ्तार

रायपुर। राजधानी रायपुर (Raipur) के गुढ़ियारी थाने में थाना प्रभारी से कथित बदसलूकी, धमकी देने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में फरार चल रहे भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े नेता शुभांकर द्विवेदी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उसे गुढ़ियारी थाने लाया गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस उसके फरार रहने के दौरान ठहरने के स्थानों और मदद करने वाले लोगों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। यह मामला 15 सितंबर को थाने के भीतर हुए विवाद से जुड़ा है।

जब्त वाहन और साउंड सिस्टम छुड़ाने पहुंचे थे थाने

पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, 14 सितंबर को कोलाहल अधिनियम के तहत एक वाहन और साउंड सिस्टम जब्त किया गया था। अगले दिन दोपहर करीब 2:30 बजे शुभांकर द्विवेदी अपने साथियों के साथ गुढ़ियारी थाने पहुंचा। आरोप है कि सभी लोग थाना प्रभारी के कार्यालय में घुसकर फर्श पर बैठ गए और जब्त सामान छोड़ने की मांग करने लगे। थाना प्रभारी ने बताया कि सामान की वापसी न्यायालय की प्रक्रिया के तहत ही हो सकती है। इसके बाद विवाद बढ़ गया और पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज तथा धक्का-मुक्की करने के आरोप लगे।

कार्यालय में टीवी और अन्य सामान तोड़ने का आरोप

शिकायत के अनुसार, विवाद के दौरान शुभांकर द्विवेदी ने कार्यालय की मेज पर रखा गमला और पेन स्टैंड फर्श पर पटक दिया। पुलिसकर्मियों ने उसे सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाने की समझाइश दी, लेकिन आरोप है कि इसके बाद उसने नामपट्टिका उठाकर दीवार पर लगे टीवी पर दे मारी, जिससे टीवी क्षतिग्रस्त हो गया। थाना प्रभारी को वर्दी उतरवाने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। इस दौरान कार्यालय में लोगों के जमा होने से पुलिसकर्मियों की आवाजाही और सरकारी कामकाज प्रभावित होने की बात शिकायत में कही गई है।

सात नामजद आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला

थाना प्रभारी की शिकायत पर पुलिस ने शुभांकर द्विवेदी समेत सात नामजद लोगों और अन्य साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इनमें प्रकाश यादव, मुकुल वर्मा, सत्यम पाण्डेय, सोमेश पाल, जितेंद्र चंद्रवंशी और लालसिंह चौहान के नाम शामिल हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351, 190, 191, 221, 224 और धारा 3 के संबंधित प्रावधानों के तहत अपराध दर्ज किया है।

साहू समाज ने भी की थी कार्रवाई की मांग

घटना के बाद साहू समाज के प्रतिनिधियों ने रायपुर पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। समाज ने थाने के भीतर पुलिस अधिकारी के साथ कथित दुर्व्यवहार पर नाराजगी जताई थी। फिलहाल मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

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