Share Market लहूलुहान : सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 22,200 के नीचे, जानें क्या हैं कारण ?

लेंस डेस्क। गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार (Share Market) में तेज गिरावट देखने को मिली। दोपहर तक सेंसेक्स करीब 1040 से 1100 अंक तक फिसलकर 71,450 से 71,595 के आसपास पहुंच गया। निफ्टी भी 360 से 400 अंक टूटकर 22,200 के स्तर पर आ गया। बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों की कुल बाजार वैल्यू में करीब 8 लाख करोड़ रुपये की कमी आ गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी बिकवाली हुई।

बाजार की इस बड़ी गिरावट के पीछे पांच मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। पहला बड़ा झटका कच्चे तेल की कीमतों से लगा। ब्रेंट क्रूड 102 से 103 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। मिडिल ईस्ट में तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ने से सप्लाई बाधित होने का डर पैदा हो गया। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए इससे महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ने का खतरा है।

दूसरा बड़ा कारण रिजर्व बैंक का फैसला रहा। RBI ने करीब चार साल बाद रेपो रेट 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.50 फीसदी कर दिया और अपना रुख ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर लिया। इससे साफ हो गया कि ब्याज दरें जल्द घटने वाली नहीं हैं। तीसरा झटका विदेशी निवेशकों की बिकवाली से लगा। बुधवार को ही एफआईआई ने 6100 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे। लगातार बिकवाली से बाजार पर दबाव बना हुआ है।

चौथा दबाव वैश्विक बाजारों से आया। एशियाई और अमेरिकी बाजार कमजोर रहे। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ऊंची होने से निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से दूर हो रहे हैं। पांचवां वार अडानी ग्रुप समेत बड़े शेयरों में तेज गिरावट का रहा। अडानी एंटरप्राइजेज 8 फीसदी तक टूटा। मेटल और एनर्जी सेक्टर भी दबाव में रहे। पेटीएम और मोबिक्विक जैसे फिनटेक शेयरों में भी 7 फीसदी तक गिरावट आई।

बाजार में लगातार नौवें हफ्ते गिरावट का सिलसिला जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की ऊंची कीमतें, आरबीआई का सख्त रुख और विदेशी निवेशकों की बिकवाली मिलकर निवेशकों का मूड खराब कर रहे हैं। आज विशाल निर्मिति के शेयर डिस्काउंट पर लिस्ट हुए, जबकि नित्यास जेम्स एंड ज्वैलरी प्रीमियम पर खुले।

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