नई दिल्ली।मोदी सरकार के इशारे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा देशभर में कराई जा रही वोट चोरी और एसआईआर प्रक्रिया में धांधली के विरोध में ‘इंडिया’ गठबंधन ‘INDIA’ allianceने देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है।
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बुधवार को गठबंधन के 20 प्रमुख दलों की साढ़े तीन घंटे चली बैठक में 02 से 08 अक्टूबर तक देशव्यापी ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च, 06 अक्टूबर को सांसदों का चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च और अक्टूबर-नवंबर में देशभर में पांच बड़ी रैलियां आयोजित करने का फैसला लिया गया। 01 नवंबर को दिल्ली में ‘इंडिया’ गठबंधन की विशाल रैली भी होगी।
विपक्षी नेताओं ने निष्पक्ष चुनावों की मांग करते हुए ज्ञानेश कुमार को तुरंत मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाने, ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने, आगामी सभी चुनावों में एसआईआर से पहले की मतदाता सूचियों के इस्तेमाल, मतदाता सूचियों से बाहर हुए सभी लोगों के लिए प्रभावी अपील तंत्र बनाने और असली मतदाताओं को तकनीकी व प्रशासनिक वजहों से बाहर होने से बचाने की मांग पुरजोर तरीके से सामने रखी।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के अलावा कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी (शरदचंद्र पवार), शिवसेना (यूबीटी), राजद, सीपीएम, सीपीआई, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, जेएमएम, सीपीआई-एमएल, आईयूएमएल, केसी (एम), एमडीएमके, वीसीके, आरएसपी, केसी (जे) और एआईएफबी समेत कुल 20 दल शामिल हुए। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ऑनलाइन बैठक से जुड़े।
बैठक के उपरांत पत्रकार वार्ता में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि चुनावों में धांधली के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त को कठपुतली की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। भाजपा सिर्फ वोटों की चोरी करके चुनाव जीत रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन संविधान की रक्षा के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने बताया कि लोकतंत्र को बचाने के लिए गठबंधन के 20 दलों ने मिलकर कई प्रमुख कार्यक्रम तय किए हैं। 02 से 08 अक्टूबर तक देशभर के जिलों में ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च’ निकाला जाएगा। इसमें शामिल होने वाले गठबंधन के कार्यकर्ता, देश के नागरिक, युवा और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लोग जिला मजिस्ट्रेट के सामने प्रदर्शन करेंगे। 06 अक्टूबर को सभी विपक्षी पार्टियों के सांसद चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च निकालेंगे। विपक्षी पार्टियों के नेता अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगेंगे।
अक्टूबर-नवंबर में ‘इंडिया’ गठबंधन देशभर में पांच बड़ी रैलियां करेगा, जिनकी तारीख और स्थान के बारे में जल्द जानकारी दी जाएगी। 01 नवंबर को दिल्ली में एक विशाल रैली आयोजित की जाएगी।
खरगे ने बताया कि इंडिया गठबंधन द्वारा सुप्रीम कोर्ट से अपील की गई है कि एसआईआर और चुनावी अनियमितताओं से जुड़े मामलों को जल्द निपटाया जाए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान मोदी सरकार चोरी की सरकार है और नोटबंदी के बाद अब ‘वोटबंदी’ कर रही है। उन्होंने दो टूक कहा कि इस चोरी की सरकार ने जो कानून पारित किए हैं, वे रद्द होने चाहिए; अन्यथा इंडिया गठबंधन की सरकार बनने पर इन कानूनों को रद्द किया जाएगा।
खरगे ने यह भी बताया कि ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर सभी दल एकमत हैं। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पहले के खुलासों का जिक्र करते हुए कहा कि अब इन बातों की पुष्टि हो गई है।
राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा, नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार ने लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला किया है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन इस मुद्दे पर चुपचाप नहीं बैठेगा। वह यह पक्का करेगा कि जिन लोगों ने लोकतंत्र पर आक्रमण किया है, उन्हें सजा मिले, चाहे वे कितने ही बड़े पद पर क्यों न हों। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र इस देश के हर व्यक्ति से बड़ा है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि जनता समझ गई है कि चुनावों में वोट चोरी की जा रही है। नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने भारतीय लोकतंत्र को खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि खासकर युवाओं में विरोध की भावना है कि देश में गलत हो रहा है और इसे रोकने की जरूरत है।
वहीं तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें चोर और डाकू बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत करके अलग-अलग राज्यों में धांधली से सरकार बनाई है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की और कहा कि अगर उन्हें नहीं हटाया गया तो आंदोलन मिट्टी से आसमान तक जाएगा।
बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, सुप्रिया सुले, तेजस्वी यादव, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, हरेन्द्र मलिक, एमए बेबी, जॉन ब्रिटास, दीपांकर भट्टाचार्य, वाइको, एनके प्रेमचंद्रन, सादिक आली थंगल, कपिल सिब्बल, अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ ब्रायन, कल्याण बनर्जी आदि वरिष्ठ नेता शामिल हुए।









