न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय में शुक्रवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ARY न्यूज़ से पाकिस्तानी पत्रकार के बीच सवाल-जवाब देखने को मिला। जयशंकर और लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेयसोलाॅव न्यांती (Sara Beysolow Nyanti) समुद्री सुरक्षा और नाविकों की सुरक्षा को लेकर नए ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ शिपिंग एंड सीफेरर्स’ (GoF on S4) की शुरुआत पर मीडिया से बात कर रहे थे।
इसी दौरान पाकिस्तानी पत्रकार ने जयशंकर से सवाल किया कि भारत सरकार पाकिस्तान में आतंकवाद को कथित तौर पर समर्थन देना कब बंद करेगी। इस पर जयशंकर ने पलटकर कहा, “एक आतंकी देश मुझसे ये सवाल पूछ रहा है….कम ऑन” भारत के संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि हरीश पार्वथनेनी ने इसके बाद पत्रकार से कहा कि उन्होंने जवाब साफ तौर पर सुन लिया है।
एक दिन पहले शहबाज शरीफ से भी पूछा गया था सवाल

यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब एक दिन पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक भारतीय पत्रकार ने सवाल किया था। पत्रकार ने उनसे पूछा था कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेगा। रिपोर्टों के मुताबिक, शरीफ ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया। इसके बाद जयशंकर की टिप्पणी को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच आतंकवाद के मुद्दे पर बयानबाजी फिर चर्चा में आ गई है। हालांकि, दोनों देशों के आतंकवाद से जुड़े आरोप और उनके जवाब लंबे समय से एक-दूसरे के खिलाफ राजनीतिक और कूटनीतिक दावों का हिस्सा रहे हैं।
भारत-लाइबेरिया ने समुद्री सुरक्षा के लिए बनाया नया समूह

जयशंकर की यह टिप्पणी उस प्रेस बातचीत के दौरान हुई, जिसका मुख्य मुद्दा समुद्री सुरक्षा था। भारत और लाइबेरिया ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ शिपिंग एंड सीफेरर्स’ शुरू किया है। इसका मकसद कमर्शियल जहाजों और उनमें काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा को लेकर देशों के बीच सहयोग बढ़ाना था। जयशंकर ने कहा कि लाल सागर, खाड़ी और आसपास के समुद्री इलाकों में हाल के महीनों में कमर्शियल जहाजों और नाविकों पर बार-बार हमले हुए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और चालक दल की सुरक्षा पर चिंता बढ़ी है।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा

समुद्री रास्तों पर बढ़ते सुरक्षा जोखिमों का असर भारतीय नाविकों पर भी पड़ा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 23 सितंबर को ओमान के पास MV Cape Dao पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हुई थी। जहाज पर सवार 20 भारतीय नाविकों में से 19 को बचा लिया गया था। ऐसे घटनाक्रमों के बीच भारत ने संघर्ष प्रभावित समुद्री इलाकों में अपने नाविकों के लिए सुरक्षा संबंधी सलाह भी जारी की है। नए समूह के जरिए भारत और लाइबेरिया ने समुद्री व्यापार से जुड़े महत्वपूर्ण रास्तों पर जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश की है।











