नई दिल्ली। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और उसके भीतर कथित मतभेदों को लेकर चल रहा विवाद अब सत्तारूढ़ NDA के सहयोगी दलों तक पहुंच गया है।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बाद केंद्रीय मंत्री और JDS नेता एचडी कुमारस्वामी के बाद NDA की सहयोगी अपना दल (एस) की नेता और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भी चुनाव आयोग से उठ रहे सवालों पर अपना पक्ष स्पष्ट करने की जरूरत बताई है।
इसके अलावा TDP नेता लावू श्रीकृष्ण देवरायलु और RLM प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा भी आयोग से स्पष्टीकरण की मांग कर चुके हैं।
एचडी कुमारस्वामी ने शनिवार को कहा कि चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों को लेकर सामने आ रही रिपोर्टों पर स्थिति स्पष्ट करने की जिम्मेदारी खुद आयोग की है। उन्होंने कहा कि देश को यह पता होना चाहिए कि वास्तव में आयोग के भीतर क्या स्थिति है।
कुमारस्वामी ने कहा कि अगर मीडिया में आयोग के अंदर मतभेदों को लेकर खबरें आ रही हैं तो मुख्य चुनाव आयुक्त समेत तीनों चुनाव आयुक्तों को सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग को एक महत्वपूर्ण स्वायत्त संवैधानिक संस्था बताते हुए कहा कि उसके सदस्यों के बीच मतभेद या कोई समस्या है तो उसकी वास्तविक स्थिति देश और मीडिया के सामने रखी जानी चाहिए।
अनुप्रिया पटेल ने भी मांगा आयोग का पक्ष
NDA की सहयोगी अपना दल (एस) की नेता और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भी चुनाव आयोग से अपना पक्ष स्पष्ट करने की बात कही है। उनका कहना है कि ‘चुनाव आयोग स्थिति को स्पष्ट करे… अपना पक्ष रखना चाहिए।’
इससे पहले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा था कि चुनाव आयोग को चुनावी प्रक्रिया को लेकर जनता के मन में उठ रहे सवालों और शंकाओं को दूर करना चाहिए। उनके मुताबिक, अगर लोगों के मन में चुनावी प्रक्रिया को लेकर संदेह पैदा होता है तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है और आयोग को मजबूती से अपना पक्ष रखना चाहिए।
TDP के लोकसभा फ्लोर लीडर लावू श्रीकृष्ण देवरायलु ने भी कहा कि आयोग की ओर से स्पष्टीकरण संवैधानिक संस्था में जनता का भरोसा मजबूत करने में मदद करेगा। वहीं RLM प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने SIR को लेकर पैदा हुए भ्रम को दूर करने के लिए आयोग से तत्काल सही स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
विपक्ष भी लगातार हमलावर
कांग्रेस समेत विपक्षी दल इस मुद्दे पर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी चुनावी प्रक्रिया, SIR और मतदाता सूची को लेकर आरोप लगाए हैं।
कांग्रेस ने 25 सितंबर को कई स्थानों पर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की। विपक्ष की ओर से आयोग की पारदर्शिता और मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग अपने आधिकारिक बयान में कह चुका है कि उसके फैसले कानून और निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत लिए गए हैं तथा आंतरिक टिप्पणियां और अलग-अलग सुझाव संस्थागत निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हैं।









