मंडला। मध्यप्रदेश के मंडला जिले के नैनपुर थाना क्षेत्र के हीरापुर गांव में शनिवार सुबह गणेश (Ganesh) विसर्जन के बाद बड़ा हादसा हो गया। विसर्जन से लौटने के बाद करीब सात-आठ युवक पंडाल में रखी सामग्री की रखवाली के लिए वहीं सो गए थे। सुबह करीब 5 बजे पंडाल में अचानक करंट फैल गया। हादसे में चार युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बिजली का तार टूटकर पंडाल के संपर्क में आया, जिससे पूरे ढांचे में करंट फैल गया। हालांकि हादसा टूटे तार से हुआ या शॉर्ट सर्किट के कारण, इसकी जांच अभी जारी है।
विसर्जन के बाद लौटे थे, कुछ देर बाद हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, गणेश प्रतिमा का विसर्जन करने के बाद आयोजन समिति के सदस्य करीब सुबह 4 बजे गांव लौटे थे। इसके बाद कुछ युवक पंडाल में रखे सामान और झांकी की सामग्री की देखरेख के लिए वहीं रुक गए और सो गए। मृतकों की पहचान जैनू भांवरें (19), रवि झरिया (24), कृष्ण कुमार भांवरें (18) और वीरेंद्र भांवरें (24) के रूप में हुई है। घायलों में प्रियंशु की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे मंडला जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
बिजली का तार टूटा या शॉर्ट सर्किट? जांच जारी
हादसे की वजह को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। बिजली विभाग की टीम यह पता लगा रही है कि बिजली की लाइन टूटकर पंडाल पर गिरी थी या शॉर्ट सर्किट के कारण करंट फैला। कुछ रिपोर्टों में पंडाल के पास बिजली के मीटर और तारों से जुड़े हिस्से की ओर भी इशारा किया गया है। बारिश और नमी के कारण स्थिति और गंभीर होने की बात भी सामने आई है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मौके पर पहुंची पुलिस और बिजली विभाग की टीम
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इलाके को सुरक्षित कर जांच शुरू की गई और मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए। अधिकारियों के मुताबिक, घटना की वास्तविक वजह तकनीकी जांच के बाद सामने आएगी। हादसे के बाद हीरापुर गांव में मातम पसरा है। त्योहार के बाद हुई इस घटना ने पंडालों में बिजली व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।







