जगदलपुर। नगरनार स्थित NMDC स्टील प्लांट प्रबंधन के खिलाफ भू-प्रभावित और स्थानीय ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर सैकड़ों ग्रामीण बारिश के बीच प्लांट के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट प्रबंधन ने स्थानीय लोगों और भू-प्रभावित परिवारों से किए कई वादे पूरे नहीं किए। उनका कहना है कि प्लांट लगने के बाद नगरनार पंचायत और आसपास के गांवों में CSR मद से विकास कार्य कराने के दावे किए गए थे, लेकिन अब तक कई काम नहीं हुए हैं।
किसानों ने काले पानी को लेकर भी नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट के गेट नंबर 3 से निकलने वाला काला पानी किसानों के खेतों में छोड़ा जा रहा है। इससे जमीन खराब हो रही है और किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रभावित किसानों का कहना है कि नुकसान के बावजूद उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया है। वहीं, प्लांट के बड़े वाहनों की लगातार आवाजाही से पंचायत और मुख्य सड़क की हालत भी खराब हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर कई बार प्रबंधन से शिकायत की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
नौकरी और पंचायत के विकास को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के मुताबिक, साल 2018 से पंचायत के विकास के लिए प्लांट प्रबंधन की ओर से कोई फंड जारी नहीं किया गया है। कई बार लिखित आवेदन देने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय लोगों को नौकरी में प्राथमिकता देने का दावा भी पूरा नहीं हुआ। उनका कहना है कि दूसरे राज्यों के लोगों को नौकरी दी जा रही है, जबकि स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। भू-प्रभावित परिवारों के हर घर से एक बेटी को नौकरी देने की बात भी कही गई थी, लेकिन 25 साल बाद भी यह मांग पूरी नहीं हुई है।
बारिश के बीच ग्रामीणों का आंदोलन जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों से बातचीत की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी वजह से सैकड़ों लोग अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगों को लेकर लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। इधर, प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद एनएमडीसी स्टील प्लांट के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। अधिकारियों ने आंदोलन खत्म करने की अपील की है। एनएमडीसी अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों की मांगों को हैदराबाद स्थित हेड ऑफिस तक पहुंचाया जाएगा। वहीं, ग्रामीण लिखित आश्वासन मिलने तक धरने पर डटे रहने की बात कह रहे हैं।









