सीएम विजय ने छात्रों युवाओं के लेफ्ट और सीजेपी कार्यक्रमों में शामिल होने पर लगाई रोक हटाई

नई दिल्ली। तमिलनाडु की विजय (vijay)सरकार ने छात्रों और युवाओं को लेफ्ट विंग पार्टियों तथा कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनों और कार्यक्रमों में शामिल होने से रोकने से जुड़े अपने निर्देश को वापस ले लिया है। विजय सरकार के इस निर्देश को लेकर सवाल उठ रहे थे।

क्या है यह मामला?

द डायरेक्टरेट ऑफ कॉलेजिएट एजुकेशन (डीसीई) ने स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट, हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट, पुलिस विभाग और जिला प्रशासन को निर्देश दिया था कि वे ऐसे कदम उठाएं जिनसे छात्रों और युवाओं को वामपंथी पार्टियों और तमिलनाडु कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित विरोध-प्रदर्शनों और आंदोलनों में शामिल होने से रोका जा सके।

डीसीई ने अधिकारियों को यह निर्देश भी दिया था कि वे छात्रों को ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होने से रोकने के लिए जरूरी कार्रवाई करें। इसके साथ ही, की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट भी सौंपें।

इसका उद्देश्य छात्रों और युवाओं को ऐसे विरोध प्रदर्शनों तथा आंदोलन कार्यक्रमों में शामिल होने से रोकना था। सरकार की ओर से अफसरों को उचित कार्रवाई करने के लिए कहा गया था। विजय सरकार के निर्देश में वाम दलों और कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख किया गया था।

इस निर्देश को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेष रूप से NEET परीक्षा में हुई अनियमितताओं के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया गया था।

कॉकरोच जनता पार्टी ने की थी आलोचना

तमिलनाडु की सरकार के निर्देश की कॉकरोच जनता पार्टी ने कड़ी आलोचना की थी। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने इसे असंवैधानिक और तर्क से परे कदम बताया था। हालांकि तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी ने इसका समर्थन किया था और कॉकरोच जनता पार्टी तथा वामपंथी संगठनों को अराजकता फैलाने वाला करार दिया था।

दिलचस्प बात यह है कि वामपंथी दलों ने तमिलनाडु की विजय सरकार को बिना शर्त बाहर से समर्थन दिया था। अब छात्रों और युवाओं को विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने से रोकने के लिए जारी किया गया निर्देश लागू नहीं होगा।

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