LENS REPORT:आज़ादी के 80वें वर्ष में प्रवेश करते भारत की एक ऐसी हकीकत जो अक्सर चमक-धमक वाली सड़कों और विज्ञापनों के पीछे छुप जाती है, रायपुर की BSUP कॉलोनी से ‘द लेंस’ की यह विशेष ग्राउंड रिपोर्ट उन हाथों की कहानी है जो हमारे शहरों को स्वच्छ रखते हैं, लेकिन खुद नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। सिर पर टोकनी उठाने वाली 80 साल की बुजुर्ग अम्मा से लेकर, ₹8,000 की दिहाड़ी पर गटर साफ करने वाले हीरालाल और डॉक्टर बनने का सपना देखने वाली मासूम बच्ची का सच, यह रिपोर्ट भारत में सफाई कर्मियों की तीन पीढ़ियों के संघर्ष, सामाजिक दंश और उम्मीदों की पड़ताल करती है। क्या आज़ाद भारत का संविधान हर नागरिक को समान अवसर दे पाया है? क्या सफाई कर्मचारियों पर लगा यह सामाजिक ‘टैग’ कभी हटेगा? देखिए ग्राउंड रिपोर्ट।
आज़ादी के 80वें साल में भारत की यह तस्वीर? सफाई कर्मियों के पीढ़ियों का संघर्ष…










