आज़ादी के 80वें साल में भारत की यह तस्वीर? सफाई कर्मियों के पीढ़ियों का संघर्ष…

LENS REPORT:आज़ादी के 80वें वर्ष में प्रवेश करते भारत की एक ऐसी हकीकत जो अक्सर चमक-धमक वाली सड़कों और विज्ञापनों के पीछे छुप जाती है, रायपुर की BSUP कॉलोनी से ‘द लेंस’ की यह विशेष ग्राउंड रिपोर्ट उन हाथों की कहानी है जो हमारे शहरों को स्वच्छ रखते हैं, लेकिन खुद नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। सिर पर टोकनी उठाने वाली 80 साल की बुजुर्ग अम्मा से लेकर, ₹8,000 की दिहाड़ी पर गटर साफ करने वाले हीरालाल और डॉक्टर बनने का सपना देखने वाली मासूम बच्ची का सच, यह रिपोर्ट भारत में सफाई कर्मियों की तीन पीढ़ियों के संघर्ष, सामाजिक दंश और उम्मीदों की पड़ताल करती है। क्या आज़ाद भारत का संविधान हर नागरिक को समान अवसर दे पाया है? क्या सफाई कर्मचारियों पर लगा यह सामाजिक ‘टैग’ कभी हटेगा? देखिए ग्राउंड रिपोर्ट।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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