नई दिल्ली | देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट ऑपरेटर (Adani Group) के एयरलाइन कारोबार में उतरने की संभावना तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक समूह ने केंद्र सरकार से एक ऐसे नियम में बदलाव की मांग की है, जो वर्तमान में दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख हवाई अड्डों के ऑपरेटरों की किसी अनुसूचित एयरलाइन में हिस्सेदारी को सीमित करता है।
एयरलाइन सेक्टर में उतरने की तैयारी
मौजूदा नियम के अनुसार दिल्ली और मुंबई जैसे देश के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट के ऑपरेटर किसी शेड्यूल्ड एयरलाइन में 10 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी नहीं रख सकते। अडानी ग्रुप मुंबई एयरपोर्ट में 74 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ देशभर में आठ हवाई अड्डों का संचालन करता है। ऐसे में नियम में बदलाव की स्थिति में समूह के लिए एयरलाइन शुरू करने का रास्ता आसान हो सकता है।
सरकार कर रही कानूनी विकल्पों पर विचार
सूत्रों के अनुसार नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस नियम में पूर्व प्रभाव (रेट्रोस्पेक्टिव) से बदलाव की कानूनी वैधता पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से राय मांगी है। यह नियम वर्ष 2006 में दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट के निजीकरण के समय लागू किया गया था। इसमें किसी भी संशोधन के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी आवश्यक होगी।
एयरलाइन बाजार में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा?
सरकारी स्तर पर यह भी माना जा रहा है कि घरेलू विमानन बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की जरूरत है। वर्तमान में इंडिगो और एयर इंडिया का संयुक्त बाजार हिस्सा करीब 90 प्रतिशत है। ऐसे में नए बड़े खिलाड़ी के आने से यात्रियों के लिए विकल्प बढ़ सकते हैं और प्रतिस्पर्धा मजबूत हो सकती है।
एम्ब्रेयर के साथ साझेदारी बनी अहम वजह
अडानी ग्रुप ने हाल ही में ब्राजील की विमान निर्माता कंपनी एम्ब्रेयर (Embraer) के साथ भारत में विमान निर्माण की दिशा में साझेदारी की है। माना जा रहा है कि यदि समूह अपनी एयरलाइन शुरू करता है तो भविष्य में इन्हीं विमानों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे विमान निर्माण परियोजना को व्यावसायिक आधार भी मिल सकता है।
उद्योग में विरोध की संभावना
विमानन क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यदि नियमों में बदलाव होता है तो मौजूदा एयरलाइन कंपनियां इसका विरोध कर सकती हैं। उनका तर्क हो सकता है कि एयरपोर्ट संचालन और एयरलाइन व्यवसाय एक ही समूह के पास होने से स्लॉट आवंटन जैसे मामलों में प्रतिस्पर्धात्मक असंतुलन पैदा हो सकता है।
अभी अंतिम फैसला नहीं
हालांकि, अडानी ग्रुप की ओर से एयरलाइन शुरू करने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। सूत्रों का कहना है कि समूह विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहा है, लेकिन फिलहाल किसी एयरलाइन के अधिग्रहण या नई एयरलाइन लॉन्च करने पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
(यह रिपोर्ट उपलब्ध जानकारी और संबंधित सूत्रों के आधार पर तैयार की गई है। एयरलाइन शुरू करने को लेकर अडानी ग्रुप की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।)







