राहुल गांधी के मामले को लेकर बोले सीजेआई- सभी मामलों में एक जैसा व्यवहार

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi)मामले की सुनवाई में देरी का आरोप लगाने वाले शिकायतकर्ता गौरव भाटिया से कहा है कि हमारे द्वारा सभी मामलों के साथ समान व्यवहार किया जाता है। यह टिप्पणी कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि के मामले में शिकायतकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया के उस आरोप के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि विपक्ष के नेता का मामला लिस्ट नहीं हो रहा है।

यह संदर्भ राहुल गांधी की उस विशेष अनुमति याचिका से है, जिसमें उन्होंने भारतीय सेना और 2020 के गलवान संघर्ष के संदर्भ में चीन के हमले संबंधी कथित टिप्पणियों से जुड़े आपराधिक कार्यवाही को चुनौती दी है। जस्टिस दीपांकर दत्ता की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने अगस्त 2025 में गांधी के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। मामला आखिरी बार 23 अप्रैल को लिस्ट हुआ था।

आज गांधी का मामला मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने दो अन्य मामलों के साथ टैग कर दिया गया।भाटिया ने अदालत से मामले की जल्द सुनवाई करने और इसे अन्य मामलों से अलग करने का आग्रह किया। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी ट्रायल कोर्ट द्वारा तय तारीखों पर पेश नहीं हुए।उन्होंने कहा, “राहुल गांधी मामले की जल्द सुनवाई हो और इसे अन्य मामलों से डिटैग किया जाए। मामला स्थगित होता रहा है और याचिकाकर्ता तय तारीखों पर पेश नहीं हो रहे हैं। मामला करीब पांच महीने पहले भी लिस्ट हुआ था, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी।”उन्होंने कहा, “राहुल गांधी कोई वीवीआईपी नहीं हैं। मामले को डिटैग कर स्वतंत्र रूप से सुना जाए।”हालांकि मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने शिकायतकर्ता पक्ष से निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने और जल्द सुनवाई के लिए आवेदन दाखिल करने को कहा।

भाटिया ने दावा किया कि रजिस्ट्री द्वारा विशिष्ट न्यायिक निर्देश के बावजूद मामला लिस्ट नहीं हो रहा है और कहा कि यह स्थिति संस्थान के लिए भी अच्छा संकेत नहीं है।सीजेआई ने जवाब दिया, “सभी मामलों के साथ समान व्यवहार किया जाता है। कृपया उचित आवेदन दाखिल करें।”गांधी का मामला द वायर से जुड़े दो अन्य आपराधिक मानहानि मामलों के साथ टैग किया गया है। उस मामले में पेश हुए वकील ने कहा कि अब सीमित मुद्दा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 223 से संबंधित है — खासकर यह कि संज्ञान लेने से पहले आरोपी को सुनवाई का अवसर दिया जाना चाहिए या नहीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस मामले का 2024 के राहुल गांधी मामले से कोई संबंध नहीं है, जिसके साथ इसे टैग किया गया है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now